डबरा
नगर पालिका कर्मचारियों से अभद्रता और गाली-गलौज का आरोप, एएसपी के हस्तक्षेप के बाद पिता-पुत्र पर एफआईआर
डबरा। डबरा के वार्ड क्रमांक 13 स्थित विवेकानंद कॉलोनी में पेयजल समस्या दूर करने के लिए हैंडपंप लगाने पहुंची नगर पालिका की टीम को काम से रोकने और कर्मचारियों से कथित अभद्रता का मामला शनिवार को आठ घंटे तक गरमाया रहा। एफआईआर में देरी से नाराज नगर पालिका उपाध्यक्ष सहित एक दर्जन से अधिक पार्षद डबरा सिटी थाने पहुंचकर धरने पर बैठ गए। शाम को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने आरोपी पिता-पुत्र के खिलाफ मामला दर्ज किया।
हैंडपंप लगाने पहुंचे कर्मचारियों से विवाद
पुलिस शिकायत के अनुसार विवेकानंद कॉलोनी में सरकारी बोरिंग की मोटर लंबे समय से खराब होने के कारण रहवासी पेयजल संकट से जूझ रहे थे। शिकायतों के बाद नगर पालिका ने बोरिंग पर हैंडपंप लगाने का निर्णय लिया। शनिवार सुबह करीब 11 बजे कर्मचारी श्रीलाल कडेरे लेबर टीम के साथ पाइप लगाने पहुंचे।
आरोप है कि स्थानीय निवासी सतविन्दर सिंह और उसका पुत्र अमृत सिंह ने काम का विरोध करते हुए कर्मचारियों से गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दोनों ने हैंडपंप के पाइप उठाकर फेंक दिए और कर्मचारियों को काम बंद करने के लिए धमकाया।
एफआईआर में देरी, थाने पर धरने पर बैठे पार्षद
घटना के बाद कर्मचारी शिकायत लेकर डबरा सिटी थाने पहुंचे। सीएमओ के प्रतिवेदन के बावजूद तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी फैल गई। नगर पालिका उपाध्यक्ष सत्येंद्र दुबे के साथ पार्षद हैप्पी सरदार, सुमित साहू, हीरा सिंह सहित एक दर्जन से अधिक पार्षद थाने पहुंच गए।
पार्षदों ने शासकीय कार्य में लगे कर्मचारियों के साथ कथित बदसलूकी पर कार्रवाई की मांग की। सुनवाई में देरी के विरोध में वे थाना परिसर में धरने पर बैठ गए। सुबह करीब 11:30 बजे शुरू हुआ विरोध शाम तक जारी रहा, जिससे थाने के बाहर काफी गहमागहमी बनी रही।
वीडियो फुटेज की जांच के बाद दर्ज हुआ मामला
मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देहात जयराज कुबेर और एसडीओपी डबरा थाने पहुंचे। अधिकारियों ने कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों से बातचीत के साथ उपलब्ध वीडियो फुटेज की जांच की। इसके बाद पुलिस ने कर्मचारी श्रीलाल कडेरे की शिकायत पर सतविन्दर सिंह और अमृत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 115(2), 296(बी), 132 और 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज किया।
एएसपी जयराज कुबेर ने बताया कि नगर पालिका की टीम जनहित में हैंडपंप लगाने गई थी। मौके पर अभद्रता और शासकीय कार्य में बाधा की शिकायत मिली थी। सीएमओ के पत्र और वीडियो फुटेज की तस्दीक के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना जारी है।
आठ घंटे के घटनाक्रम ने उठाए सवाल
पेयजल समस्या दूर करने के लिए किए जा रहे सरकारी काम से शुरू हुआ विवाद एफआईआर दर्ज कराने को लेकर जनप्रतिनिधियों के धरने तक पहुंच गया। करीब आठ घंटे तक चले घटनाक्रम में पुलिस की कार्रवाई में देरी भी चर्चा का विषय रही। अब पुलिस की विवेचना में आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
