सुल्तानपुर,
अचानक वाहनों की रफ्तार थमने से हुआ हादसा, कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चोटें आने की सूचना; सुरक्षित रहे राहुल गांधी, मानहानि मामले में अदालत में होनी थी पेशी
सुल्तानपुर(HRIDAY STAMBH);
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान सोमवार को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उस समय अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब उनके काफिले में चल रहे कई वाहन आपस में टकरा गए। इस दुर्घटना में एंबुलेंस भी चपेट में आ गई। काफिले में शामिल वाहनों के बीच हुई टक्कर से मौके पर कुछ देर के लिए यातायात और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। हादसे के दौरान कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि राहुल गांधी पूरी तरह सुरक्षित रहे और उन्हें कोई चोट नहीं आई।
जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी दिल्ली से विमान के जरिए लखनऊ पहुंचे थे। यहां से उन्हें सड़क मार्ग से सुल्तानपुर जाना था। उनके कार्यक्रम को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने स्वागत की तैयारियां कर रखी थीं। काफिले में पार्टी नेताओं के वाहनों के साथ सुरक्षा से जुड़े वाहन भी शामिल थे। इसी दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अचानक वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और पीछे चल रहे वाहन एक-दूसरे से टकरा गए।
प्रत्यक्षदर्शियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, आगे चल रहे वाहन के अचानक रुकने के बाद पीछे आ रहे चालकों को संभलने का पर्याप्त मौका नहीं मिल पाया। देखते ही देखते कई वाहन आपस में भिड़ गए। दुर्घटना में पांच गाड़ियों और एक एंबुलेंस के शामिल होने की बात सामने आई है। टक्कर के बाद वाहनों में बैठे लोगों के बीच कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। घायलों को लेकर भी मौके पर हलचल रही।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था में लगे कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया। राहुल गांधी के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आने के बाद उनके समर्थकों ने राहत महसूस की। इसके बाद सुल्तानपुर पहुंचने का कार्यक्रम जारी रखा गया।
अदालत में पेशी के कारण चर्चा में था राहुल गांधी का दौरा
राहुल गांधी का यह उत्तर प्रदेश दौरा राजनीतिक गतिविधियों के साथ-साथ एक पुराने कानूनी मामले के चलते भी महत्वपूर्ण माना जा रहा था। उन्हें सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए अदालत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़े मानहानि प्रकरण में पेश होना था।
यह मामला वर्ष 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी द्वारा अमित शाह को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा नेता विजय मिश्रा की शिकायत पर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसी प्रकरण में अदालत की कार्यवाही के लिए राहुल गांधी सुल्तानपुर पहुंच रहे थे।
स्वागत के लिए तैयार थे कांग्रेस कार्यकर्ता
राहुल गांधी के आगमन को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा था। सुल्तानपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में उनके स्वागत के लिए पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए थे। कई जगहों पर पार्टी समर्थकों ने ‘सत्यमेव जयते’ लिखी तख्तियां भी तैयार की थीं। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि राहुल गांधी के दौरे के दौरान पार्टी की राजनीतिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, लेकिन एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे ने कुछ समय के लिए पूरे कार्यक्रम का माहौल बदल दिया।
वीआईपी काफिलों में सुरक्षा के साथ समन्वय भी जरूरी
इस घटना ने एक बार फिर तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे पर चलने वाले वीआईपी काफिलों के प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे काफिलों में कई तरह के वाहन एक साथ चलते हैं। उनके बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना, अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में सावधानी बरतना और आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी होता है।
फिलहाल दुर्घटना के वास्तविक कारणों और घायलों की संख्या को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। जांच और प्रशासनिक पुष्टि के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर किन परिस्थितियों में काफिले के वाहन एक-दूसरे से टकराए। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम में राहुल गांधी का सुरक्षित रहना सबसे बड़ी राहत की बात रही।

