डबरा
जाली नोटों के मामले में था वांछित
डबरा (HRIDAY STAMBH): डबरा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दो दशक (20 साल) से फरार चल रहे 5,000 रुपये के इनामी स्थाई वारंटी और पूर्व बीएसएफ (BSF) जवान को डबरा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी वर्ष 2004 से जाली मुद्रा (Fake Currency) के एक मामले में वांछित था और अदालत की कार्रवाई से लगातार बच रहा था।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
सिटी पुलिस को मुखबिर तंत्र से सूचना मिली थी कि डबरा रेलवे स्टेशन परिसर में एक संदिग्ध व्यक्ति मौजूद है, जो लंबे समय से फरार इनामी वारंटी अरविंद जाट है। सूचना की तस्दीक करने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी संजय शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी की और मुखबिर के बताए हुलिया के आधार पर आरोपी को दबोच लिया।
बीएसएफ की नौकरी के दौरान आया था जाली नोटों की गिरफ्त में
पुलिस पूछताछ में आरोपी अरविंद (पिता स्व. बहादुर सिंह जाट, निवासी ग्राम चुरली, थाना पिछोर, जिला ग्वालियर) ने बताया कि वह पूर्व में बीएसएफ टेकनपुर की 78 बटालियन की ‘एफ’ कंपनी में आरक्षक के पद पर तैनात था। वर्ष 2004 में अवकाश के दौरान उसके पास जाली मुद्रा पकड़ी गई थी, जिसके चलते वह करीब एक वर्ष तक जेल में भी रहा था।
जेल से छूटने के बाद कानूनी शिकंजे से बचने के लिए वह घर से भाग गया था। इसके बाद उसने फरीदाबाद के बल्लभगढ़ क्षेत्र में नया ठिकाना बनाया, वहीं दूसरी शादी की और उसका एक बेटा भी है। पुलिस से बचने के लिए उसने अपने पुराने परिवार और रिश्तेदारों से सभी संबंध पूरी तरह समाप्त कर लिए थे तथा कभी भी न्यायालय की पेशी पर उपस्थित नहीं हुआ था। डबरा पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
