डबरा,
डबरा(HRIDAY STAMBH);मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा शहर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के कथित दुरुपयोग और सोशल मीडिया पर महिलाओं की छवि से खिलवाड़ का गंभीर मामला सामने आया है। शहर के महावीरपुरा इलाके में एक 22 वर्षीय युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें AI की मदद से तैयार कर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी के माध्यम से वायरल करने के आरोप में दो युवकों का नाम सामने आया है। इस मामले ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब युवती और उसके परिजनों ने कथित आरोपियों को पकड़कर चप्पलों और बेल्टों से उनकी पिटाई कर दी। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले में अब दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए जा रहे हैं। जहां युवती के परिजनों का आक्रोश कथित तौर पर उसकी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को लेकर सामने आया है, वहीं पिटाई का शिकार हुए युवकों ने वार्ड पार्षद के पति पर मारपीट करवाने का आरोप लगाया है। मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है और दोनों घटनाक्रमों की जांच की जा रही है।
AI तकनीक से तैयार की गईं युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद डबरा के महावीरपुरा क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि केवल कोरी और इशू कोरी नामक दो युवकों ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर एक 22 वर्षीय युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कीं। इसके बाद इन तस्वीरों को कथित रूप से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
इस घटना की जानकारी युवती और उसके परिजनों को मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया और पुलिस से शिकायत की। किसी महिला की तस्वीरों के साथ इस तरह डिजिटल छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करना न केवल उसकी निजता और प्रतिष्ठा पर हमला है, बल्कि गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है।
4 अक्टूबर को देहात थाने में दर्ज हुआ था IT एक्ट का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद डबरा के महावीरपुरा क्षेत्र से जुड़ा है। आरोप है कि केवल कोरी और इशू कोरी नामक दो युवकों ने AI तकनीक का इस्तेमाल कर एक 22 वर्षीय युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कीं। इसके बाद इन तस्वीरों को कथित रूप से फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
इस घटना की जानकारी युवती और उसके परिजनों को मिली तो उन्होंने इसका विरोध किया और पुलिस से शिकायत की। किसी महिला की तस्वीरों के साथ इस तरह डिजिटल छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर प्रसारित करना न केवल उसकी निजता और प्रतिष्ठा पर हमला है, बल्कि गंभीर साइबर अपराध की श्रेणी में भी आ सकता
युवती और परिजनों का फूटा गुस्सा, चप्पलों और बेल्टों से की पिटाई
पुलिस में शिकायत और कार्रवाई के बावजूद विवाद शांत नहीं हुआ। जानकारी के मुताबिक, युवती और उसके परिजनों का सामना जब कथित आरोपियों से हुआ तो मामला अचानक मारपीट तक पहुंच गया।
आरोप है कि युवती और परिवार की महिलाओं सहित कुछ अन्य लोगों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया। इसके बाद उनकी चप्पलों और बेल्टों से पिटाई की गई। घटना के दौरान कुछ युवकों ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे।
मारपीट के दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शहर में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
वार्ड पार्षद के पति दिनेश पचौरिया पर मारपीट करवाने का आरोप
मारपीट की घटना के बाद दोनों युवक अपने परिजनों के साथ डबरा सिटी थाने पहुंचे। यहां उन्होंने वार्ड पार्षद कीर्ति पचौरिया के पति दिनेश पचौरिया पर उनके साथ मारपीट करवाने का आरोप लगाया।
युवकों का आरोप है कि उनके साथ हुई मारपीट के पीछे दिनेश पचौरिया की भूमिका है। उन्होंने पुलिस से शिकायत कर मारपीट करने वाले लोगों और कथित तौर पर घटना करवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मारपीट की घटना में कौन-कौन लोग शामिल थे और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की क्या भूमिका रही।
AI के दुरुपयोग ने खड़े किए गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर AI तकनीक के गलत इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तकनीक का इस्तेमाल जहां शिक्षा, चिकित्सा, कारोबार और रचनात्मक कार्यों में तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कुछ लोग इसी तकनीक के जरिए दूसरे व्यक्तियों की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें बदनाम करने का प्रयास कर रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी महिला या युवती की तस्वीरों को AI के माध्यम से आपत्तिजनक रूप देना और उन्हें उसकी अनुमति के बिना सोशल मीडिया पर प्रसारित करना गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे मामलों में डिजिटल साक्ष्य, सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी और तस्वीरें तैयार करने में इस्तेमाल किए गए माध्यमों की जांच महत्वपूर्ण होती है।
पुलिस के सामने दोहरी चुनौती, साइबर अपराध और मारपीट दोनों की जांच जरूरी
डबरा के इस मामले में पुलिस के सामने अब दो अलग-अलग पहलुओं की जांच की चुनौती है। पहला मामला युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें कथित रूप से AI से तैयार कर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी के जरिए प्रसारित करने का है। दूसरा मामला युवकों के साथ हुई मारपीट और उसके पीछे कथित रूप से शामिल लोगों की भूमिका का है।
कानून के मुताबिक, किसी के साथ साइबर अपराध होने पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेकर मारपीट करने का अधिकार नहीं है।
फिलहाल, दोनों पक्षों के आरोपों और वायरल वीडियो की जांच के आधार पर पुलिस की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब देखना होगा कि पुलिस साइबर अपराध के आरोपों के साथ मारपीट की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाती है।

