डबरा,
डबरा(HRIDAY STAMBH ); शहर के संवेदनशील इलाके पिछोर तिराहे पर अवैध शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। खास बात यह है कि जिस शराब दुकान को प्रशासन द्वारा पहले ही बंद कराया जा चुका था, उसी स्थान पर धड़ल्ले से दोबारा शराब बेची जा रही थी। स्थानीय लोगों ने मौके पर एक युवक को थैले में शराब के क्वार्टर बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
थैले में रखे थे 18 क्वार्टर, लोगों ने घेरा
जानकारी के मुताबिक, पिछोर तिराहा स्थित उसी विवादित शराब दुकान के बाहर गिर्राज बघेल नामक व्यक्ति एक थैले में शराब के क्वार्टर रखकर बेच रहा था। इसी दौरान स्थानीय नागरिकों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत उसे घेर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से शराब के 18 क्वार्टर बरामद हुए। घटना की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष एकत्रित हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरी घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और महिलाओं में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का सवाल है कि—
- जब इस दुकान को प्रशासनिक स्तर पर पहले ही बंद कराया जा चुका था, तो फिर उसी स्थान पर दोबारा शराब की बिक्री किसकी शह पर हो रही थी?
- रिहायशी इलाके और प्रमुख तिराहे के पास अवैध रूप से शराब सप्लाई करने के पीछे असल मास्टरमाइंड कौन लोग हैं?
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने दोटूक कहा कि केवल एक छोटे युवक को पकड़ने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क और आबकारी-पुलिस की लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
शहर के संवेदनशील इलाके पिछोर तिराहे पर अवैध शराब की बिक्री को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। खास बात यह है कि जिस शराब दुकान को प्रशासन द्वारा पहले ही बंद कराया जा चुका था, उसी स्थान पर धड़ल्ले से दोबारा शराब बेची जा रही थी। स्थानीय लोगों ने मौके पर एक युवक को थैले में शराब के क्वार्टर बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।
थैले में रखे थे 18 क्वार्टर, लोगों ने घेरा
जानकारी के मुताबिक, पिछोर तिराहा स्थित उसी विवादित शराब दुकान के बाहर गिर्राज बघेल नामक व्यक्ति एक थैले में शराब के क्वार्टर रखकर बेच रहा था। इसी दौरान स्थानीय नागरिकों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत उसे घेर लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से शराब के 18 क्वार्टर बरामद हुए। घटना की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष एकत्रित हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरी घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और महिलाओं में प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का सवाल है कि—
- जब इस दुकान को प्रशासनिक स्तर पर पहले ही बंद कराया जा चुका था, तो फिर उसी स्थान पर दोबारा शराब की बिक्री किसकी शह पर हो रही थी?
- रिहायशी इलाके और प्रमुख तिराहे के पास अवैध रूप से शराब सप्लाई करने के पीछे असल मास्टरमाइंड कौन लोग हैं?
प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने दोटूक कहा कि केवल एक छोटे युवक को पकड़ने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि इस अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क और आबकारी-पुलिस की लापरवाही की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
एसडीओपी और थाना प्रभारी पहुंचे मौके पर
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी सौरभ कुमार और थाना प्रभारी संजय शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को शांत कराया और लोगों की शिकायतें सुनकर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
फिलहाल, इस घटना के बाद से एक बार फिर डबरा प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में सिर्फ औपचारिकता निभाती है या पिछोर तिराहे पर पनप रहे इस अवैध शराब के नेटवर्क पर स्थायी रूप से शिकंजा कसती है।
