​सोशल मीडिया पर पोस्ट करने वालों के लिए बड़ी चेतावनी:‘डीपफेक’ का शिकार हुई युवती,

डबरा/भितरवार

 

डबरा (ग्वालियर), 

डबरा (HRIDAY STAMBH);सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड के नाम पर अपनी तस्वीरें और रील्स अपलोड करने की आदत अब भारी पड़ सकती है। मध्य प्रदेश के डबरा से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के खतरनाक दुरुपयोग का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ साइबर अपराधियों ने एक 22 वर्षीय युवती के इंस्टाग्राम अकाउंट से तस्वीरें चुराकर AI ‘डीपफेक’ तकनीक के ज़रिए उन्हें अश्लील तस्वीरों में तब्दील कर दिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़िता की शिकायत पर डबरा सिटी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

​इंस्टाग्राम से तस्वीरें चुराकर बनाईं डीपफेक फोटो, दी धमकी

​यह पूरी घटना डबरा सिटी थाना क्षेत्र के महावीरपुरा की है। पीड़िता अपने सामान्य इंस्टाग्राम अकाउंट का उपयोग करती थी।

  • ​तस्वीरों की चोरी: किसी अज्ञात व्यक्ति ने पीड़िता के प्रोफाइल से उसकी तस्वीरें डाउनलोड कीं।
  • ​AI का दुरुपयोग: आरोपी ने आधुनिक AI टूल्स का सहारा लेकर उन तस्वीरों को मॉर्फ्ड करते हुए अश्लील फोटो में बदल दिया।
  • ​फर्जी आईडी से वायरल और धमकी: इसके बाद एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर उन तस्वीरों को अपलोड कर दिया गया। जब पीड़िता को इस बात का पता चला, तो आरोपी ने पुलिस में जाने या किसी को बताने पर जान से मारने की गंभीर धमकी भी दी।

​परिजनों संग थाने पहुंची पीड़िता, साइबर सेल जांच में जुटी

​तस्वीरों के वायरल होने और धमकियों से परेशान होकर युवती ने परिजनों को पूरी आपबीती बताई। परिजन तुरंत पीड़िता को लेकर थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। डबरा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट (IT Act) की संगीन धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल की मदद से फर्जी आईडी के आईपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला जा रहा है।

​साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस की अपील

​घटना के बाद पुलिस प्रशासन और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने आमजन को सतर्क रहने की हिदायत दी है:

  1. ​प्रोफाइल लॉक रखें: अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (Instagram, Facebook आदि) को हमेशा ‘Private’ रखें।
  2. ​अज्ञात फॉलोअर्स से बचें: किसी भी अनजान व्यक्ति की फॉलो रिक्वेस्ट स्वीकार न करें।
  3. ​तुरंत रिपोर्ट करें: साइबर अपराध या ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर डरें नहीं, तुरंत परिजनों को बताएं और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।

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