डबरा (Hriday Stambh): डबरा से गुजरने वाले नेशनल हाईवे (बाईपास) पर इन दिनों परिवहन विभाग की चेकिंग चर्चा का विषय बनी हुई है। डबरा बाईपास हाईवे पर आरटीओ (RTO) की कार्रवाई को लेकर अब वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टर्स द्वारा गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
आरोप है कि चेकिंग के नाम पर नियमों को ताक पर रखकर वाहन चालकों से अवैध वसूली की जा रही है, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले ट्रक और भारी वाहन चालक बेहद परेशान हैं।
नियमों को ताक पर रखकर चेकिंग का आरोप
स्थानीय सूत्रों और हाईवे से गुजरने वाले चालकों का कहना है कि बाईपास पर आए दिन आरटीओ की टीम गाड़ियों को रोककर चेकिंग करती है। चालकों का आरोप है कि गाड़ियों के दस्तावेज पूरे होने के बावजूद भी किसी न किसी बहाने उन्हें परेशान किया जाता है और एंट्री या जुर्माने के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। आरोप यह भी है कि इस कथित वसूली के दौरान नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है।
वाहन चालकों का कहना है
“अगर हमारे पास सभी वैध दस्तावेज, फिटनेस और परमिट मौजूद हैं, तब भी हाईवे पर बेवजह गाड़ियां रोककर समय बर्बाद किया जाता है और दबाव बनाकर पैसों की मांग की जाती है।”
निष्पक्ष जांच की उठ रही मांग
यदि वाहन चालकों द्वारा लगाए जा रहे ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह प्रशासनिक स्तर पर एक बेहद गंभीर मामला है। हाईवे पर अवैध वसूली से न सिर्फ चालकों का आर्थिक शोषण होता है, बल्कि कानून व्यवस्था और विभाग की छवि पर भी दाग लगता है। यही वजह है कि अब इस पूरे मामले की किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठने लगी है।
विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे घटनाक्रम और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर फिलहाल संबंधित विभाग (परिवहन विभाग/RTO) की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग का पक्ष आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी कि इन आरोपों में कितनी सच्चाई है या फिर यह रूटीन चेकिंग का हिस्सा है।
RTO checking on National Highway Dabra
