शिवपुरी ,
शिवपुरी (HRIDAY STAMBH);
मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और नो-एंट्री व्यवस्था के लचर क्रियान्वयन का खौफनाक खामियाजा एक बार फिर आम इंसान को भुगतना पड़ा है। शहर के फतेहपुर स्थित 28 नंबर कोठी चौराहे पर एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहां पुलिस सहायता केंद्र के ठीक सामने ईंटों से भरे एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मजदूर को बेरहमी से कुचल दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ईंटों से लदा ओवरलोडेड भारी ट्रक तेज रफ्तार में इलाके से गुजर रहा था। इसी दौरान उसने वहां से पैदल गुजर रहे मजदूर को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए किसी तरह मजदूर को ट्रक के नीचे से बाहर निकाला और एम्बुलेंस की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार, मजदूर की स्थिति बेहद चिंताजनक और नाजुक बनी हुई है तथा उसे बचाने के प्रयास जारी हैं।
घटनास्थल: पुलिस सहायता केंद्र के सामने ही हादसा
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से ही स्थानीय नागरिकों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सबसे बड़ा और गंभीर सवाल यह उठ रहा है कि आखिर व्यस्त समय में नो-एंट्री के कड़े नियमों के बावजूद इतना भारी और ईंटों से भरा ट्रक शहर के भीतर कैसे दाखिल हो गया। हैरान करने वाली बात यह भी है कि यह पूरी वारदात पुलिस सहायता केंद्र के ठीक सामने घटित हुई, जिसने ट्रैफिक पुलिस की गश्त और चेकिंग दावों की पोल खोलकर रख दी है।
बड़ा सवाल: आखिर नो-एंट्री में कैसे घुसा भारी वाहन?
हाल ही में ग्वालियर के प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर क्षेत्र में एक अनियंत्रित वाहन के घुसने से हुए भीषण और दर्दनाक हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। उस वक्त शासन-प्रशासन द्वारा बड़े-बड़े दावे किए गए थे कि भारी वाहनों की नो-एंट्री और यातायात व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। हालांकि, शिवपुरी के इस हादसे से स्पष्ट हो गया है कि ग्वालियर की त्रासदी से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं सीखा है। जमीनी स्तर पर अधिकारियों की लापरवाही जस की तस बनी हुई है और सड़कों पर आम लोगों की सुरक्षा राम भरोसे छोड़ दी गई है।
हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके बावजूद, क्षेत्र के लोगों में भारी गुस्सा है। जनता की साफ मांग है कि नो-एंट्री प्वाइंट्स पर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों की जवाबदेही तय की जाए, दोषी ड्राइवर पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो और गंभीर रूप से घायल मजदूर के समुचित इलाज की जिम्मेदारी उठाई जाए ताकि शहर की सड़कों पर ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति न हो।

