ग्वालियर
समान भागीदारी और नेतृत्व का नया अध्याय बताया, मानव श्रृंखला बनाकर जताया समर्थन
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में गुरुवार को जीवाजी विश्वविद्यालय के अटल सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहर की प्रबुद्ध महिलाओं ने अधिनियम को महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए इसे देश के नेतृत्व में महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय बताया।
संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के आत्मसम्मान और राजनीतिक अधिकारों को सशक्त करेगा। इसके माध्यम से संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे नीति-निर्धारण में उनकी भूमिका मजबूत होगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर सिंह जाटव ने कहा कि देश की प्रगति में महिलाओं की बराबर भागीदारी आवश्यक है। एलएनआईपीई की कुलगुरु डॉ. कल्पना शर्मा ने महिलाओं की नेतृत्व क्षमता पर प्रकाश डाला। कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि अधिनियम से महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलेगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी।
राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय की कुलगुरु स्मिता सहस्त्रबुद्धे, पूर्व राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कृष्णकांता तोमर, समाजसेविका मीनाक्षी पिशवे, पूर्व महापौर समीक्षा गुप्ता सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली बालिकाओं को सम्मानित किया गया। स्वागत उद्बोधन जिला कार्यक्रम अधिकारी उपासना राय ने दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
संगोष्ठी के उपरांत महिलाओं ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया तिराहा पहुंचकर मानव श्रृंखला बनाकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।
