अक्षय तृतीया पर माँ अन्नपूर्णा और माँ लक्ष्मी की पूजा का रहस्य

धर्म

अन्न, धन और सुख की अक्षय प्राप्ति का दिव्य दिन

अक्षय तृतीया सनातन धर्म का एक अत्यंत शुभ और पुण्यदायी पर्व माना जाता है। “अक्षय” का अर्थ होता है – जो कभी समाप्त न हो। इस दिन किया गया जप, तप, दान और पूजन अनंत फल देने वाला माना गया है। विशेष रूप से इस दिन माँ अन्नपूर्णा और माँ लक्ष्मी की पूजा करने का अत्यधिक महत्व बताया गया है।

क्यों करनी चाहिए माँ अन्नपूर्णा और लक्ष्मी जी की पूजा :-

माँ अन्नपूर्णा को अन्न की देवी माना गया है, जो जीवन के लिए सबसे आवश्यक तत्व है। जिस घर में अन्न की कमी नहीं होती, वहाँ सुख और शांति स्वतः बनी रहती है। वहीं माँ लक्ष्मी धन, वैभव और समृद्धि की अधिष्ठात्री हैं। अक्षय तृतीया के दिन इन दोनों देवियों की पूजा करने से यह आशीर्वाद प्राप्त होता है कि घर में कभी भी अन्न और धन की कमी नहीं होती। यह दिन विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने परशुराम अवतार लिया था और सतयुग तथा त्रेतायुग का आरंभ भी इसी दिन हुआ था।

पूजा का शुभ मुहूर्त और तैयारी :-

अक्षय तृतीया के दिन प्रातः काल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। घर के पूजा स्थान को गंगाजल से शुद्ध करें। एक चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाकर माँ लक्ष्मी और माँ अन्नपूर्णा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।

पूजा विधि :-

सबसे पहले दीपक जलाकर भगवान गणेश का स्मरण करें ताकि पूजा में कोई विघ्न न आए। इसके बाद माँ अन्नपूर्णा और माँ लक्ष्मी का आवाहन करें। माँ अन्नपूर्णा को अन्न (चावल, गेहूं, दाल) अर्पित करें और माँ लक्ष्मी को कमल का फूल, रोली, चावल और मिठाई अर्पित करें। दोनों देवियों को हल्दी, कुमकुम, अक्षत और पुष्प अर्पित करें।

इसके बाद निम्न मंत्रों का जाप करें:
माँ अन्नपूर्णा मंत्र
“अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकरप्राणवल्लभे।
ज्ञान वैराग्य सिद्ध्यर्थं भिक्षां देहि च पार्वति॥”
माँ लक्ष्मी मंत्र
“ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः॥”
मंत्रों का कम से कम 108 बार जाप करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

विशेष उपाय :-
इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। विशेष रूप से अन्नदान करने से माँ अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं और जीवन में कभी अन्न की कमी नहीं होने देतीं।
घर में एक पात्र में चावल भरकर उसे पूजा स्थान में रखने से धन और अन्न की वृद्धि होती है। साथ ही शाम के समय दीपदान करने से लक्ष्मी जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। अक्षय तृतीया का दिन जीवन में सुख, समृद्धि और स्थायित्व लाने का अद्भुत अवसर है। इस दिन माँ अन्नपूर्णा और माँ लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में अन्न, धन और सुख की कभी कमी नहीं रहती और उसका परिवार सदैव खुशहाल बना रहता है।

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