ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को ‘ग्रहों का राजा’ और ‘आत्मा का कारक’ माना जाता है। यदि आपकी कुंडली में सूर्य बलवान है, तो आपको समाज में यश, कीर्ति और सरकारी लाभ प्राप्त होता है। इसके विपरीत, कमजोर सूर्य आत्मविश्वास में कमी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ लाता है।
यहाँ सूर्य देव को प्रसन्न करने और कुंडली में उनकी स्थिति मजबूत करने के कुछ प्रभावी उपाय दिए गए हैं:
कुंडली में मजबूत सूर्य देंगे अपार सफलता और मान-सम्मान
सूर्य देव को मजबूत करने का सबसे सरल और प्रभावशाली उपाय उन्हें जल अर्पित करना है। प्रतिदिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें लाल चंदन, लाल फूल और थोड़ा गुड़ मिलाकर ‘ॐ घृणि सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करते हुए अर्घ्य दें। इससे मान-सम्मान में वृद्धि होती है और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
मंत्र साधना: ऊर्जा का संचार
मंत्रों के उच्चारण से निकलने वाली ध्वनि तरंगें सूर्य की नकारात्मकता को दूर करती हैं। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ, हर रविवार या प्रतिदिन इसका पाठ करना शत्रु विजय और करियर में उन्नति के लिए अचूक माना जाता है। गायत्री मंत्र: ‘ॐ भूर्भुवः स्वः…’ का जाप करने से बुद्धि प्रखर होती है और आत्मबल बढ़ता है। ज्योतिष के अनुसार, वस्तुओं का दान करने से ग्रह के अशुभ प्रभाव कम होते हैं। रविवार के दिन गेहूं, तांबा, गुड़, लाल कपड़ा या केसर का दान करना शुभ होता है। यह दान किसी जरूरतमंद या ब्राह्मण को श्रद्धापूर्वक देना चाहिए।
अनुशासन ही शक्ति है
सूर्य अनुशासन के देवता हैं। अपनी आदतों में सुधार कर आप उन्हें बिना किसी खर्च के मजबूत कर सकते हैं। कुंडली में सूर्य पिता का प्रतिनिधित्व करते हैं। पिता का आशीर्वाद लेना और उनका सम्मान करना सूर्य को सबसे जल्दी मजबूत बनाता है। सूर्योदय से पूर्व जागें, देर तक सोने से सूर्य कमजोर होता है। ब्रह्म मुहूर्त में उठने की आदत डालें। तांबे के छल्ले को अनामिका उंगली (Ring Finger) में पहनने से सूर्य का प्रभाव बढ़ता है। यदि कुंडली में सूर्य योगकारक है, तो ज्योतिषी की सलाह पर माणिक्य धारण किया जा सकता है।

