यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोप, 9 FIR दर्ज
नासिक: नासिक स्थित TCS की बीपीओ यूनिट में हुई इस घटना ने कॉर्पोरेट जगत की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने कॉर्पोरेट नैतिकता और कार्यस्थल सुरक्षा को झकझोर कर रख दिया है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की बीपीओ यूनिट में महिला कर्मचारियों के साथ यौन शोषण और धार्मिक प्रताड़ना का मामला प्रकाश में आया है।यह एक अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है।
पीड़ित महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोप बेहद चौंकाने वाले और गंभीर हैं। मामले की मुख्य आरोपी कंपनी की HR मैनेजर बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला कर्मचारियों पर निम्नलिखित दबाव बनाए गए:
1.शारीरिक शोषण: महिला कर्मचारियों को शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करना।
2.धार्मिक प्रताड़ना: कर्मचारियों को नमाज पढ़ने और मांस खाने के लिए विवश करना।
3.जबरन धर्मांतरण: कार्यस्थल पर ही धर्म परिवर्तन के लिए मनोवैज्ञानिक और पेशेवर दबाव डालना।
4.गंभीर अपराध: मामले में रेप (Sexual Assault) जैसी गंभीर धाराओं के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस की 40 दिनों की ‘सीक्रेट’ इन्वेस्टिगेशन
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नासिक पुलिस ने बेहद सतर्कता बरती। पुलिस ने पिछले 40 दिनों तक गुप्त रूप से साक्ष्य जुटाए ताकि आरोपियों को सतर्क होने का मौका न मिले। जांच के बाद अब तक कुल 9 अलग-अलग FIR दर्ज की जा चुकी हैं, जो इस स्कैम और शोषण की व्यापकता को दर्शाती हैं। पुलिस का दावा है कि उनके पास इस “काले खेल” को साबित करने के लिए पर्याप्त तकनीकी और प्रत्यक्ष प्रमाण मौजूद हैं।
कॉर्पोरेट जगत में हड़कंप
TCS जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के नाम के साथ इस तरह के विवाद का जुड़ना निवेश और कार्यस्थल संस्कृति (Work Culture) के लिहाज से बड़ा झटका माना जा रहा है। क्या बीपीओ यूनिट्स के भीतर आंतरिक सुरक्षा और ‘प्रिवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरासमेंट’ (POSH) समितियां प्रभावी ढंग से काम कर रही थीं?
यह मामला अभी जांच के अधीन है और पुलिस द्वारा गिरफ्तारियों और कानूनी कार्यवाही का सिलसिला जारी है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की ओर से इस विशिष्ट घटना पर आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
