इंदौर,
इंदौर(HRIDAY STAMBH);
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक बड़ा औद्योगिक हादसा सामने आया है। कालिंदी गोल्ड सिटी के पास स्थित बीटा इंडस्ट्रियल पार्क (अरविंदो अस्पताल से करीब 3 किमी अंदर) में रविवार सुबह एक पेंट और केमिकल फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की अन्य इकाइयों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक अग्निकांड में दो फैक्ट्रियां पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं, जबकि तीसरी फैक्ट्री भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय गार्ड के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 7 बजे औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक पेंट और केमिकल फैक्ट्री से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। जब तक लोग कुछ समझ पाते और आग बुझाने का प्रयास करते, तब तक अंदर रखे केमिकल और पेंट के ड्रमों के कारण आग बेकाबू होकर तेजी से फैल गई। आग की भयंकर लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक आसमान में दिखाई दे रहा था, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
7 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया गया काबू
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। आग की गंभीरता को देखते हुए कई फायर ब्रिगेड गाड़ियों को मौके पर लगाया गया।
- दमकलकर्मियों ने अलग-अलग दिशाओं से पानी और फोम का छिड़काव किया।
- लगभग 7 घंटे की कड़ी मशक्कत और 2 लाख लीटर से अधिक पानी व फोम स्प्रे करने के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया जा सका।
करोड़ों के नुकसान की आशंका, गनीमत रही कि जनहानि टली
इस भीषण हादसे में फैक्ट्रियों के अंदर रखी भारी मशीनरी, कच्चा माल (रॉ मटेरियल), तैयार केमिकल और पेंट का स्टॉक पूरी तरह जलकर खाक हो गया है। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, कारोबारियों को करोड़ों रुपए का भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस भयंकर अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि या किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय रहते सुरक्षा कदम उठाए जाने और प्रशासनिक मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच शुरू
प्रारंभिक तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और दमकल विभाग की टीमें वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि के लिए गहन जांच-पड़ताल कर रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा मानकों, पर्याप्त संसाधनों और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
