भोपाल
चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग, पटवारी-चौधरी-सिंघार समेत कई बड़े नेता सड़क पर
भोपाल। मध्यप्रदेश में एसआईआर और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को राजधानी में बड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से निर्वाचन सदन, अरेरा हिल्स तक निकले मार्च को पुलिस ने लिंक रोड पर बैरिकेडिंग कर रोक दिया। प्रदर्शनकारियों के आगे बढ़ने पर पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और विधायक शामिल हुए। कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
निष्पक्षता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
हरीश चौधरी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता लोकतंत्र के लिए जरूरी है। उन्होंने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने की प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
वोट के अधिकार को लेकर पटवारी का हमला
जीतू पटवारी ने कहा कि लोकतंत्र की बुनियाद मतदाता के वोट और उसके विश्वास पर टिकी है। उन्होंने एसआईआर और मतदाता सूचियों से जुड़े मुद्दों पर निष्पक्ष जांच और तथ्य सार्वजनिक करने की मांग की। पटवारी ने अपने क्षेत्र से जुड़े एक मतदान केंद्र का उदाहरण देते हुए वोटों के अंतर पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई।
बूथ तक पहुंचेगी जनता की आवाज : सिंघार
उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस का आंदोलन मतदाता के अधिकार और लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान पारदर्शिता और निष्पक्षता के जरिए होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मुद्दा आगे बूथ स्तर तक उठाया जाएगा।

