शिवपुरी,
शिवपुरी(HRIDAY STAMBH);
जिले के नरवर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की लेखा शाखा में पदस्थ कर्मचारियों की मनमानी और लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी नियमों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
कार्यालय में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा आवेदनों की पावती देने में आनाकानी करने के साथ-साथ आवेदकों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है। आम तौर पर जब नागरिक अपने जायज काम के लिए आवेदन जमा करने पहुँचते हैं, तो उन्हें संतोषजनक जवाब देने के बजाय टालमटोल कर बार-बार चक्कर कटवाए जाते हैं। इस पूरी अव्यवस्था और मनमानी की पोल तब खुली जब हमारी अंडरकवर टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया। शुरुआत में कर्मचारियों ने आवेदन पर हस्ताक्षर करने और सील लगाने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन जैसे ही टीम ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरे में रिकॉर्ड करना शुरू किया, कर्मचारियों के तेवर तुरंत बदल गए और नियमानुसार आनन-फानन में आवेदन स्वीकार कर उस पर सील-साइन कर दिए गए।
उठ रहे हैं कई गंभीर सवाल
कैमरे के सामने कर्मचारियों का यह बदला हुआ रवैया कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सवाल यह उठता है कि यदि एक मीडिया टीम के साथ इस तरह का बर्ताव किया जा सकता है, तो प्रतिदिन अपनी समस्याओं को लेकर आने वाले आम नागरिकों और शिक्षकों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता होगा। सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करना वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी है, लेकिन नरवर बीईओ कार्यालय की लेखा शाखा में आवेदनों की प्राप्ति देने की निर्धारित प्रक्रिया का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। हमारी टीम इस पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है और इससे जुड़े सभी तथ्यों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों का पक्ष भी सामने लाया जाएगा, और यदि जांच में कर्मचारियों की अनियमितता और लापरवाही साबित होती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की जाएगी।
