डबरा में मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार: SDM नवकिरण कौर की अगुवाई में फूड सेफ्टी टीम की ताबड़तोड़ छापेमारी

डबरा/भितरवार

 

डबरा,

डबरा (HRIDAY STAMBH);त्योहारों और आम दिनों में आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर अंकुश लगाने के लिए डबरा प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। डबरा एसडीएम नवकिरण कौर के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा (फूड सेफ्टी) विभाग की टीम ने शहर के विभिन्न मिष्ठान भंडारों, नमकीन और मावा (खोआ) फैक्ट्रियों पर अचानक ताबड़तोड़ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान एक नमकीन फैक्ट्री में भारी मात्रा में एक्सपायरी मटेरियल बरामद होने पर प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है।

​गुप्त सूचना पर SDM ने खुद संभाली कमान

​डबरा क्षेत्र में अमानक खाद्य सामग्री और मिलावटी मावा-नमकीन तैयार कर बाजार में खपाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम नवकिरण कौर खुद मैदानी मोर्चे पर उतरीं और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम के साथ अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दी।

​नमकीन फैक्ट्री में मिला एक्सपायरी मटेरियल

​छापेमारी के दौरान सबसे गंभीर लापरवाही एक नमकीन फैक्ट्री में सामने आई:

  • ​खराब कच्चा माल: फैक्ट्री में नमकीन बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री एक्सपायर (समय सीमा समाप्त) हो चुकी थी।
  • ​बाजार में सप्लाई की तैयारी: इसी एक्सपायरी सामग्री से नमकीन तैयार कर बाजार में बेचने की योजना थी, जिसे टीम ने मौके पर ही जब्त कर लिया।
  • ​कड़ी फटकार: एसडीएम ने फैक्ट्री संचालकों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल वैधानिक कार्रवाई के निर्देश दिए।

​5 प्रमुख कारखानों पर दबिश, सैंपल लैब भेजे गए

​प्रशासनिक टीम ने शहर की लगभग 5 अलग-अलग व्यावसायिक इकाइयों पर जांच की:

  1. ​नमकीन एवं स्नेक्स यूनिट्स: कारखानों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया गया और संदिग्ध तेल व मसालों की शुद्धता जांचने के लिए नमूने लिए गए।
  2. ​मावा और मिष्ठान भंडार: मिलावटी मावा (खोया) की आशंका के चलते अलग-अलग बैच के सैंपल सील किए गए।
  3. ​सैंपलिंग प्रोसेस: टीम ने कुल 5 ठिकानों से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र कर राजकीय प्रयोगशाला (State Food Testing Lab) में जांच हेतु भेज दिए हैं।

​मिलावटखोरों को चेतावनी: रिपोर्ट आते ही दर्ज होगी FIR

​एसडीएम नवकिरण कौर ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लैब रिपोर्ट में मिलावट या अमानक स्तर की पुष्टि होते ही संबंधित कारोबारियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी और उनके लाइसेंस रद्द करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। इस अचानक हुई कार्रवाई से शहर के मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।

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