डबरा
भारी वाहनों पर पहले से प्रतिबंध
डबरा (हृदय स्तंभ/ HRIDAY STAMBH) : डबरा शहर का पुल एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है जहाँ इसके सौंदर्यीकरण का काम नगर पालिका द्वारा शुरू कर दिया गया है हृदय स्तंभ संवाददाता ने जब पुल के नीचे लगे दुकान लगाने वाले राकेश से इसके बारे में जानकारी चाही तो उनका कहना स्पष्ट था कि जिस पुल पर भारी वाहनो का प्रवेश बंद हो चुका है जिस पुल को शासन ख़ुद जर्जर मान चुका है उसका सौंदर्यीकरण से बेहतर है कि पुल की मरम्मत कर उसे मजबूती दी जाये। इस तरह आम जनता के पैसे का दुरुपयोग करना कहा तक सही है
पुल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसके रखरखाव और मरम्मत के लिए करोड़ों रुपये की राशि भी स्वीकृत हो चुकी है। इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा पुल के फुटपाथ पर टाइल्स लगाकर सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है, जिस पर नागरिकों ने आपत्ति जताई है। लोगों का कहना है कि जब पुल स्वयं जर्जर हालत में है और भविष्य में उसके पुनर्निर्माण या बड़े मरम्मत कार्य की संभावना बनी हुई है, तब फुटपाथ पर टाइल्स लगाने जैसे कार्यों पर सार्वजनिक धन खर्च करना उचित नहीं माना जा सकता।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुल पर कई जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं, फुटपाथ क्षतिग्रस्त है और पुल की सतह पर दरारें लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन मूलभूत मरम्मत और सुरक्षा कार्यों की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसके विपरीत केवल बाहरी सौंदर्यीकरण पर जोर दिया जा रहा है।
शहरवासियों ने नगर पालिका और निर्माण एजेंसी से सवाल उठाते हुए कहा है कि सबसे पहले पुल की सुरक्षा, मजबूती और स्थायी मरम्मत को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। लोगों का यह भी कहना है कि यदि पुल की स्थिति इतनी खराब है कि भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगानी पड़ी है, तो फिर फुटपाथ पर टाइल्स लगाने जैसे कार्यों की उपयोगिता पर गंभीरता से विचार होना चाहिए।
