स्टारलिंक लाइसेंस विवाद: राहुल गांधी से संवाद पर भड़कीं अमरीकी गायिका मैरी मिलबेन,

देश विदेश

 

नई दिल्ली:

​नई दिल्ली(HRIDAY STAMBH);भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा ‘स्टारलिंक’ (Starlink) के लाइसेंस को लेकर छिड़ी बहस अब अंतरराष्ट्रीय और राजनीतिक रूप ले चुकी है। स्पेसएक्स (SpaceX) के प्रमुख एलन मस्क और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर हुई बातचीत के बाद मशहूर अमरीकी गायिका मैरी मिलबेन (Mary Millben) की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की समर्थक मानी जाने वाली मिलबेन ने एलन मस्क को सलाह दी है कि राहुल गांधी से निकटता बढ़ाने से भारत में स्टारलिंक का लाइसेंस जल्दी नहीं मिलेगा, बल्कि प्रक्रिया और लटक जाएगी।

​क्या है पूरा मामला?

​विवाद की शुरुआत तब हुई जब एलन मस्क ने ‘X’ पर भारत में स्टारलिंक के लाइसेंस आवंटन में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। मस्क ने दावा किया कि उनकी कंपनी के पास दुनिया के 165 से अधिक देशों में काम करने का लाइसेंस है और उसने भारत की सभी कानूनी व सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए यह सवाल खड़ा किया कि क्या रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी देश के असली प्रमुख हैं?

​राहुल गांधी की एंट्री और ‘दूसरे शख्स’ वाला तंज

​मस्क के इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लिखा:

​“एलन, भारत में आपका स्वागत है। तब तक इंतजार कीजिए जब तक आप ‘दूसरे वाले’ (दूसरे शख्स) को नहीं जान लेते।”

 

​राहुल गांधी का इशारा केंद्र सरकार और पीएम मोदी के नेतृत्व की ओर था। इसके जवाब में मस्क ने लिखा, “थैंक यू राहुल, यह स्थिति वाकई चिंताजनक है।”

​’राहुल की संगत से लाइसेंस में होगी देरी’: मैरी मिलबेन

​इस बातचीत पर नाराजगी जताते हुए अमरीकी गायिका मैरी मिलबेन ने एलन मस्क को टैग करते हुए लिखा कि वह मस्क का बहुत सम्मान करती हैं, लेकिन उन्हें सही रास्ता चुनना चाहिए। मिलबेन द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु:

  • ​राजनीतिक दूरी जरूरी: राहुल गांधी जैसे नेताओं के साथ बातचीत करने से स्टारलिंक का लाइसेंस मिलने में तेजी नहीं आएगी, बल्कि और रुकावटें पैदा होंगी।

  • ​नेतृत्व का सम्मान: वैश्विक कंपनियों के लिए किसी देश में व्यापार की पहली शर्त उस देश और उसके नेतृत्व का सम्मान करना होता है।
  • ​पीएम मोदी से सीधे संवाद की सलाह: राहुल गांधी के बयान पर पलटवार करते हुए मिलबेन ने कहा कि जिस ‘दूसरे शख्स’ की बात की जा रही है, वे दुनिया के सबसे शक्तिशाली और महान नेताओं में से एक हैं और लंबे समय तक भारत का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने मस्क को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ध्यान केंद्रित करने का सुझाव दिया।

​राजनीतिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से क्यों अहम है यह विवाद?

​भारत दुनिया के सबसे बड़े टेलीकॉम बाजारों में से एक है, जहाँ सैटेलाइट इंटरनेट क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज है। एक तरफ विपक्ष इसे कॉर्पोरेट एकाधिकार और प्रशासनिक देरी का मुद्दा बनाकर सरकार को घेर रहा है, वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय संचार मंत्रालय और वैश्विक मंचों से मस्क को यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि भारत में निवेश के लिए राजनीतिक विवादों से दूर रहकर निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करना ही सही रणनीति होगी।

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