शिवपुरी,
शिवपुरी(HRIDAY STAMBH);
शिवपुरी के गूंगरगांव में हृदयविदारक घटना से पसरा मातम, मां और मासूम बेटे की मौत; तीन बेटियों को लेकर कुएं तक पहुंची थी महिला, बड़ी बेटी की सूझबूझ से टली दो और मासूमों की मौत
शिवपुरी। जिले के बैराड़ थाना क्षेत्र के गूंगरगांव में बुधवार को सामने आई एक हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पति की मौत के करीब डेढ़ महीने बाद आठ माह की गर्भवती महिला ने अपने छह वर्षीय मासूम बेटे के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। इस दौरान महिला की तीन बेटियां भी उसके साथ थीं। मां को कुएं में जाने से रोकने के लिए बड़ी बेटी ने काफी कोशिश की, लेकिन जब वह सफल नहीं हुई तो उसने तत्काल अपनी दोनों छोटी बहनों को पकड़कर पीछे खींच लिया। बड़ी बेटी की इसी सूझबूझ और हिम्मत के कारण दो मासूम बच्चियों की जान बच गई। हालांकि, देखते ही देखते परिवार पर ऐसा दुखों का पहाड़ टूटा कि गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
चारों बच्चों को लेकर घर से निकली थी महिला
जानकारी के अनुसार गूंगरगांव निवासी करीब 35 वर्षीय अंजती रावत बुधवार दोपहर अपने चारों बच्चों को लेकर घर से निकली थी। वह घर से लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक कुएं के पास पहुंची। बताया जा रहा है कि महिला आठ माह की गर्भवती थी। कुएं पर पहुंचने के बाद उसने अपने बच्चों के सामने ही ऐसा कदम उठाया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
घटना के दौरान महिला का छह वर्षीय बेटा प्रशांत रावत भी उसके साथ कुएं में चला गया। मां और छोटे भाई को कुएं में गिरता देख बड़ी बेटी घबरा गई। वह तत्काल घर की ओर दौड़ी और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में मां और बच्चे को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी।
बड़ी बेटी मोनिका ने दिखाई हिम्मत, दो छोटी बहनों को खींचकर बचाया
इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू महिला की बड़ी बेटी मोनिका का साहस है। प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, जब मां कुएं में जाने लगी तो मोनिका ने उसे रोकने की कोशिश की। लेकिन मां के नहीं रुकने पर उसने तत्काल अपनी दोनों छोटी बहनों को संभाला और उन्हें पीछे खींच लिया।
अगर उस समय मोनिका ने सूझबूझ और हिम्मत नहीं दिखाई होती तो इस घटना में दो और मासूम बच्चियों की जान जा सकती थी। मां और भाई को खोने के बाद अब इन बच्चियों के सामने भविष्य को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
डेढ़ महीने पहले सड़क हादसे में हुई थी पति की मौत
ग्रामीणों के मुताबिक, अंजती रावत के पति धर्मवीर सिंह की करीब डेढ़ महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। पति की असमय मृत्यु के बाद से ही महिला मानसिक तनाव में रहने लगी थी। परिवार पर पहले ही दुखों का पहाड़ टूट चुका था। पति की मौत के बाद चार बच्चों और गर्भावस्था की जिम्मेदारी भी महिला के सामने थी।
हालांकि, महिला ने यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पति की मौत के बाद की परिस्थितियों और महिला की मानसिक स्थिति सहित सभी पहलुओं की जांच आवश्यक है।
पुलिस ने शुरू की जांच, पोस्टमार्टम के लिए भेजे शव
घटना की सूचना मिलते ही बैराड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों और परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई तथा मां और बेटे के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। घटना के पीछे की परिस्थितियों और संभावित कारणों का पता लगाया जा रहा है।
दो मासूम बच्चियों के सिर से उठा मां का साया
इस घटना ने एक परिवार को पूरी तरह बिखेर दिया है। पहले सड़क हादसे में पिता की मौत और अब मां तथा छोटे भाई को खोने के बाद तीनों बेटियों के सामने जिंदगी की सबसे बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। जिस बड़ी बेटी ने अपनी दो छोटी बहनों को मौत के मुंह से बचाया, उसी ने अपनी आंखों के सामने मां और भाई को खो दिया।
गूंगरगांव में इस घटना के बाद मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर गहरा दुख और स्तब्धता है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर किन हालातों ने एक परिवार को इस त्रासदी तक पहुंचा दिया।
