कलेक्टर का कड़ा रुख: जिला अस्पताल में औचक निरीक्षण, मरीजों की थाली से खुद भोजन चखकर परखी गुणवत्ता, दिए सख्त निर्देश

शिवपुरी

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शिवपुरी(HRIDAY STAMBH);

जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और सरकारी योजनाओं का लाभ हर मरीज तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के उद्देश्य से शिवपुरी जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा (IAS) एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में आज कलेक्टर ने जिला अस्पताल शिवपुरी का औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुए निरीक्षण से

अस्पताल प्रबंधन और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का ध्यान सबसे ज्यादा मरीजों को मिलने वाले भोजन की व्यवस्था पर केंद्रित रहा। प्रशासन की संवेदनशीलता और कड़े रुख की मिसाल पेश करते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने मरीजों के लिए तैयार किए गए भोजन की गुणवत्ता को सिर्फ मौखिक रिपोर्ट तक सीमित नहीं रखा, बल्कि खुद थाली से भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता और स्वाद की बारीकी से जांच की।

पौष्टिक और स्वच्छ भोजन स्वास्थ्य सेवाओं की पहली प्राथमिकता

निरीक्षण के बाद अधिकारियों से चर्चा करते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को पौष्टिक, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना कोई एहसान नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं का एक बेहद महत्वपूर्ण और बुनियादी हिस्सा है।

उन्होंने अस्पताल प्रशासन को कड़ी हिदायत दी कि मरीजों को मीनू के अनुसार ही संतुलित और ताजा भोजन दिया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल परिसर और वार्डों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

भोजन की जांच करने के साथ-साथ कलेक्टर ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों, पेयजल व्यवस्था और साफ-सफाई का भी बारीक निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर अस्पताल द्वारा दी जा रही दवाओं, पैथोलॉजी जांचों और डॉक्टरों की उपस्थिति के संबंध में फीडबैक लिया।
मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने की प्रतिबद्धता

कलेक्टर अर्पित वर्मा के इस औचक निरीक्षण से यह साफ हो गया है कि जिला प्रशासन सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं पर सीधी और पैनी नजर बनाए हुए है। खुद भोजन चखकर उसकी जांच करने की इस पहल की आम जनता और मरीजों के परिजनों द्वारा काफी सराहना की जा रही है।
प्रशासन के इस कड़े कदम से यह संदेश स्पष्ट रूप से चला गया है कि मरीजों की सेहत और सुविधाओं के मामले में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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