इंदरगढ़,
इंदरगढ़(HRIDAY STAMBH);
स्थानीय कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा धान के दामों में अचानक की गई भारी कटौती से गुस्साए किसानों ने बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इंदरगढ़-ग्वालियर मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर किसान सड़क पर बैठ गए और मंडी प्रशासन व व्यापारियों की मनमानी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग एक घंटे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह ठप्प रहा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार और इंदरगढ़ पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया। प्रशासन के हस्तक्षेप और मंडी सचिव को सख्त निर्देश दिए जाने के बाद व्यापारियों ने पुराने भाव पर खरीद शुरू की, तब जाकर चक्काजाम समाप्त हुआ।
₹4200 का भाव घटकर अचानक ₹3900 पहुंचा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को मंडी में 17-18 वैरायटी धान का भाव ₹4200 प्रति क्विंटल तक चल रहा था। लेकिन बुधवार सुबह जैसे ही मंडी में बोली शुरू हुई, व्यापारियों ने सिंडिकेट बनाकर धान का भाव अचानक घटाकर ₹3900 प्रति क्विंटल कर दिया।
महज 24 घंटे के भीतर प्रति क्विंटल ₹300 की इस सीधी गिरावट से किसान आक्रोशित हो उठे। किसानों ने व्यापारियों पर कार्टेल बनाकर कम दामों पर उपज हड़पने और मनमानी का आरोप लगाया।
सड़क पर बैठे किसान, गूंजे मनमानी के खिलाफ नारे
व्यापारियों द्वारा कम दाम पर खरीद की जिद के विरोध में किसान लामबंद हो गए और उपज की तुलाई रोककर सीधे इंदरगढ़-ग्वालियर मेन रोड पर पहुंच गए। किसान नेता अनूप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों किसान मुख्य सड़क पर धरना देकर बैठ गए।
प्रदर्शनकारी किसानों ने “किसान एकता जिंदाबाद” और “व्यापारियों की तानाशाही व मनमानी नहीं चलेगी” के जोरदार नारे लगाए। चक्काजाम के चलते मुख्य मार्ग पर यात्री बसों, ट्रकों और निजी वाहनों के पहिये थम गए, जिससे आम जनता को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
तहसीलदार ने दिलाई सहमति, बोली दोबारा शुरू
चक्काजाम और हंगामे की सूचना मिलते ही इंदरगढ़ थाना पुलिस और तहसीलदार दीपक यादव दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। तहसीलदार ने सड़क पर बैठे किसानों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।
इसके बाद तहसीलदार दीपक यादव ने मंडी सचिव विक्रम सिंह जाटव को मौके पर ही सख्त निर्देश दिए कि किसानों को उनकी उपज का जायज और सही मूल्य दिलाया जाए तथा किसी भी स्थिति में व्यापारियों की मनमानी न चलने दी जाए।
प्रशासनिक सख्ती के बाद मंडी सचिव ने व्यापारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट हिदायत दी। इसके बाद व्यापारी ₹4200 प्रति क्विंटल के भाव पर खुली डाक बोली से धान खरीदने पर सहमत हुए। व्यापारियों द्वारा उचित दर पर खरीद का आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने सड़क से जाम हटाया और मंडी में दोबारा तुलाई व बोली प्रक्रिया शुरू हो सकी।
