हाइवे किनारे मिली मासूम की तफ्तीश पूरी, पुलिस ने ढूंढ निकाले माता-पिता, छटवीं संतान होने के चलते अच्छी परवरिश के खातिर दिया थो गोद

श्योपुर

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हॉस्पिटल नर्स ने बनाया चेन सिस्टम, मामले में कुल 07 आरोपी गिरफ्तार, मासूम को बचाने वाला युवक पुरूष्कृत

श्योपुर। जिले के मानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सौंईकलां हाइवे पर लावारिस हालत में मिली एक ढाई साल की मासूम बालिका के मामले में पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने मंगलवार को शाम 06 बजे प्रेस वार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि इस मामले में मुख्य आरोपी काजल पटेल सहि सभी 7 आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया है जिसमें पांच महिला एवं दो पुरूष शामिल हैं। पुलिस ने मासूम को सबसे पहले देखने वाले एवं सुरक्षित कर पुलिस को सौंपने वाले युवक को भी पुरूष्कृत किया है। इस दौरान प्रेस वार्ता में एडी.एसपी प्रवीण भूरिया, डीएसपी मुख्यालय पीएन गोयल, टीआई मानपुर सतीश दुबे, देहात राहुल रघुवंशी मौजूद रहे।

एसपी श्री अग्रवाल ने बतया कि बीते महीने 18 अप्रैल को सौंई क्षेत्र में नेशनल हाइवे पर मिली ढाई साल की मासूम बालिका के बारे में पूरी तफ्तीश कर ली है जिसमें उसके माता-पिता को भी खोज लिया गया हैं, जिन्होंने अपनी बच्ची के गोद देने की बात कबूल कर ली है, चूंकि वर्तमान घटनाक्रम को लेकर पूरे मामले की बारीकी से छानबीन की गई जिसमें परत-दर-परत पुलिस ने इस घटना से जुडे़ सात आरोपियों को नामजद करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

छटवीं संतान होने पर नर्स के बहकावे में दी थी 

पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने बताया कि मामले की विवेचना के दौरान पूरे चेन सिस्टम का खुलासा हुआ, जिसमें बच्ची के माता-पिता इंदौर जिले से करीब 60 किमी दूर स्थित वनांचल में निवास करते हैं, जहां तक पुलिस टीम पहंुची और बच्ची के परिजनो से मुलाकात की, जिन्होंने बताया कि उनकी यह छटवीं संतान थी, जिसे लेकर हॉस्पिटल में नर्स ने बहकाया था कि उनकी बच्ची को अच्छी परवरिश देने के लिए उनके रिश्तेदार उसे गोद लेना चाहते हैं, जिसके चलते उन्होंने अपनी बेटी को गोद दिया था।

पुलिस टीम ने 16 दिन में टेªस किया मामला

ढाई साल की मासूम के लावारिस हालत में मिलने की घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने तीन टीमों का गठन किया जिसमें डीएसपी हेडक्वार्टर पीएन गोयल, महिला थाना प्रभारी रीना राजावत एवं मानपुर टीआई सतीश दुबे केे नेतृत्व में अलग अलग टीमो को जल्द से जल्द मामले के खुलासे के निर्देश दिये गये। जिसके बाद पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद 16 दिनो में पूरे मामले का पटाक्षेप करते हुए सातो आरोपियो को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

विवेचना में एक और बालिका की मिली जानकारी

इंदौर में विवेचना के दौरान टीम को एक और बालिका की तस्करी के बारे में जानकारी प्राप्त हुई जिसमें गिरफ्तार महिला आरोपियो ने पैसे लेकर एक बालिका जिसकी उम्र डेढ़ साल करीब है, उसे भी गोद दिलाया था, जिसे दस्तयाब कर शिशु ग्रह इंदौर में सुरक्षित पहंुचाया जिसका जन्म प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया। इस मामले में इंदौर मंे केस र्द किया गया है।

मासूम को सुरक्षित दस्तयाब कराने वाला युवक पुरूष्कृत

हाइवे किनारे लावारिस हालत में दस्तयाब कराने वाले युवक सोनू आर्य को भी पुलिस अधीक्षक सुधीर अग्रवाल ने नगद पुरूष्कार प्रदान कर सम्मानित किया है। सोनू आर्य ने बताया कि अच्छे कार्य की प्रशंसा करना उनके लिए उत्साह बढ़ाने वाला है, वे सभी युवाओं को प्रोत्साहित करेंगे कि पुलिस की मदद के लिए आगे आऐं।

सफलता प्राप्त करने वाली टीम भी होगी पुरूष्कृत

मासूम बालिका के मामले में सफलता प्राप्त करने वाली टीम को भी पुलिस अधीक्षक ने पुरूष्कृत करने की घोषणा की है जिनमें एस.डी.ओ.पी. श्योपुर राजीव कुमार गुप्ता, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय पी.एन.गोयल, निरीक्षक सतीश कुमार दुबे थाना प्रभारी मानपुर, उपनिरी. रवि कुशवाह चौकी प्रभारी सामरसा, उनि. रीना राजावत महिला थाना प्रभारी, उनि प्रदीप सिंह तोमर, उनि राहुल रघुवंशी थाना प्रभारी देहात, सउनि. कौशलेन्द्र सिंह, संजय यादव, म.आर प्रियल पाठक, सउनि. धर्मेन्द्र मीणा, प्र.आर माधुरी तोमर, प्रदीप कुमार, आर. दिलीप शर्मा, अजय सैनी, रामअवतार, गिरवर कुशवाह, म.आर रिषिका शर्मा, म.आर. अनीमा तिर्की, रीता वास्कल, सरोज परते एवं समस्त सायबर टीम शामिल है।

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