पंडोखर में श्रीराम महायज्ञ हवन पूजन पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ पूर्ण

दतिया
दतिया
 गुरुशरण महाराज हुए पूर्णाहुति में शामिल, यजमानों को दिया आशीर्वाद
 30 वें पंडोखर सरकार धाम महोत्सव एवं श्री राम महायज्ञ के दौरान आज रविवार 12 अप्रैल को श्रीराम महायज्ञ पूजन हवन पूर्णाहुति एवं भंडारे के साथ संपन्न हुआ। यज्ञ में पूर्णाहुति के लिए यज्ञशाला पहुंचे सपत्नीक पंडोखर पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण जी महाराज ने यज्ञ में प्रमुख बेदी पर बैठे अपने अनुज रामकुमार शर्मा रामजी के साथ यज्ञशाला में स्थापित देवी देवताओं के पूजन कर हवन किया। उपरांत क्षेत्रपाल बलिदान पूजन कर श्रीराम महायज्ञ में पूर्णाहुति की।
श्रीराम महा यज्ञ समापन अवसर पर पंडोखर धाम पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण जी महाराज ने यज्ञशाला प्रांगण में उपस्थित सभी यजमानों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सभी को ब्राह्मणों की संगति करना चाहिए। ब्राह्मणों की संगति से कभी हानि नहीं होती है लाभ ही लाभ होता है। ब्राह्मण ब्रह्मा को जानने वाला होता है और आपको ब्रह्म ज्ञान की परिभाषा भी ब्राह्मण बतला कर आपके परलोक मार्ग को प्रशस्त करता है। श्रीमद् भागवत कथा पुराण में वर्णित राजा परीक्षित की कथा को सुनते हुए श्री गुरुदेव ने यजमानों से कहा कि राजा परीक्षित ने भी श्रीमद् भागवत महापुराण की कथा श्रवण कर सद्गति प्रताप की तथा धुंधकारी ने श्रीमद् भागवत पुराण कथा सुन मोक्ष को प्राप्त किया था। इसलिए कुल मिलाकर ब्राह्मणों की संगत कभी आपको नुकसान नहीं कर सकती है। ब्राह्मण की संगति जितना करोगे उतना फायदा ही करेगी। कभी भी ब्राह्मण किसी का अहित नहीं चाहता है जब भी ब्राह्मण के मुख से निकलता है तो अपने यजमानों के लिए आशीर्वचन ही निकलते हैं। इसलिए अपने गुरु अपने आचार्य अपने पुरोहित एवं सभी साधु संत कथा व्यास महात्माओं की वाणी से सुने हुए विचारों को मनन करें और अपने जीवन में उतारकर जीवन को धन्य बनाएं।
यज्ञशाला के बाद पंडोखर पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण जी महाराज भंडारे में तैयार हो रहे श्री राम महायज्ञ के भंडारी की प्रसादी का अवलोकन किया। इसी के साथ साधु संतों से मिलकर श्रद्धा मंच पर महोत्सव एवं श्री राम महायज्ञ के आयोजन को पूर्ण सफल बनाने हेतु अपने शिष्यों को दिशा निर्देश दिए। ज्ञात हो कि इस दौरान धाम परिसर में सीसी रोड दोपहरी में तप रहा है ऐसे में पंडोखर पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण जी महाराज नंगे पैरों धाम परिसर में जगह-जगह व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए नंगे पैर घूमेते नजर आए।
*भंडारे का हुआ आयोजन*
पंडोखर धाम महोत्सव एवं श्री राम महायज्ञ के दौरान 12 अप्रैल को यज्ञ पूर्णाहुति होने के उपरांत साधु संतों का विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बाहर से आए हजारों की संख्या में साधु संतों ने यज्ञ भगवान के भंडारे की प्रसादी ग्रहण की।  पंडोखर में आयोजित श्रीराम महायज्ञ के विशाल भंडारे में भजन के उपरांत सभी साधु संत महंत विद्वान एवं बाहर से आए हुए आगंतुक कथा व्यासों को पंडोखर पीठाधीश्वर श्री गुरु शरण महाराज सहित उनके शिष्यों ने सभी को सम्मान भंडारे की बिदाई दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *