ग्वालियर
हर माह लगेगा दिव्यांग परीक्षण शिविर, शेष बंदियों के यूडीआईडी कार्ड बनाने के निर्देश
ग्वालियर। केन्द्रीय जेल में दिव्यांग बंदियों के लिए सुविधाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया ने रविवार को केन्द्रीय जेल का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डॉ. खेमरिया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन दिव्यांग बंदियों के पास यूडीआईडी कार्ड (दिव्यांगता प्रमाण पत्र) नहीं हैं, उनके अभियान चलाकर कार्ड बनाए जाएं। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग और जेल प्रशासन को समन्वय के साथ कार्य करते हुए जेल को पूर्णतः दिव्यांग अनुकूल बनाने पर जोर दिया।
आयुक्त ने जेल के बैरक, अस्पताल, टॉयलेट ब्लॉक और भोजनशाला का सुगम्यता की दृष्टि से निरीक्षण किया। उन्होंने आवश्यक स्थानों पर रैम्प निर्माण के लिए पृथक प्रस्ताव तैयार कर भेजने के निर्देश जेल अधीक्षक को दिए।
इस दौरान जेल परिसर में दिव्यांग परीक्षण शिविर भी आयोजित किया गया। डॉ. खेमरिया ने जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की टीम को निर्देशित किया कि जेल प्रशासन के सहयोग से प्रत्येक माह नियमित रूप से परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएं। बंदियों से संवाद करते हुए उन्होंने बताया कि राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल के निर्देशानुसार प्रदेश की सभी जेलों को दिव्यांग फ्रेंडली बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जेल अधीक्षक श्री विदित सिरवैया ने जानकारी दी कि केन्द्रीय जेल में वर्तमान में 132 दिव्यांग बंदी हैं, जिनमें 5 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस अवसर पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के श्री आशीष शर्मा ने बंदियों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी।

