दिल्ली,
दिल्ली (HRIDAY STAMBH);दिल्ली की सियासत में इन दिनों विरोध प्रदर्शनों का दौर लगातार जारी है। इसी बीच एक ताजा वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राजधानी के बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की तरफ निकाले गए ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के मार्च के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के साथ एक बस में वामपंथी छात्र संगठन ‘आइसा’ (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव नजर आए, जिसके बाद से राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा काफी तेज हो गई है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
- दिग्गज नेताओं के साथ दिखीं छात्र नेता: इस मार्च की अगुवाई खुद राहुल गांधी कर रहे थे। उनके साथ बस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्ष के कई सांसद और वरिष्ठ नेता सवार थे। इसी बीच, बस के भीतर नेहा बोरा और योगेंद्र यादव की मौजूदगी ने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान आकर्षित किया है।
- छात्र और युवा चेहरों की हिस्सेदारी: विपक्षी दलों के इस हाई-प्रोफाइल काफिले में युवा छात्र चेहरों की यह भागीदारी काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि विपक्ष इस बड़े आंदोलन में युवा संगठनों को भी अपने साथ मजबूती से जोड़ता दिख रहा है।
- मुख्य मुद्दे: विपक्ष का यह विरोध प्रदर्शन मुख्य रूप से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को तत्काल रोके जाने को लेकर हो रहा है। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत सुनियोजित तरीके से मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और सत्ताधारी दल इन सभी आरोपों को खारिज कर चुके हैं।
क्यों हो रही है नेहा बोरा की चर्चा?
छात्र संगठन आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में हैं। हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद वह चर्चा में आई थीं। अब दिल्ली के इस बड़े राजनीतिक मार्च के दौरान विपक्षी दिग्गजों के साथ एक ही बस में उनकी मौजूदगी यह संकेत देती है कि विपक्ष सड़क की लड़ाई में छात्र आंदोलनों को भी अपने साथ धार दे रहा है। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोग इस पर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

