भोपाल
सड़क, कृषि, आईटी और आंगनवाड़ी योजनाओं को मिली स्वीकृति, प्रदेश में विकास को नई गति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण को ध्यान में रखते हुए 38 हजार 555 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में व्यापारियों के हितों की सुरक्षा के लिए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन का भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
बैठक में 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-31) के तहत सड़क निर्माण, ग्रामीण मार्गों के उन्नयन और शासकीय आवासों के अनुरक्षण के लिए सर्वाधिक 32 हजार 405 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके तहत सड़क एवं सेतु संधारण, ग्रामीण सड़कों के निर्माण और सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी।
कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से “दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन” को मंजूरी दी गई, जिसके लिए आगामी पांच वर्षों में 2,442.04 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस मिशन के माध्यम से दलहन उत्पादन बढ़ाने, उन्नत बीज उपलब्ध कराने और प्रसंस्करण सुविधाओं के विकास पर जोर दिया जाएगा। यह मिशन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल के अनुरूप संचालित होगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर्स और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े कार्यों के लिए 1,295.52 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत भोपाल में ईएमसी 2.0 क्लस्टर की स्थापना सहित आईटी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्रों के निर्माण और मिशन वात्सल्य के संचालन के लिए 2,412 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके तहत 1500 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण किया जाएगा और बाल संरक्षण सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
बैठक में व्यापारिक समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन को मंजूरी दी गई। यह बोर्ड व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और सरकार के साथ समन्वय स्थापित करने का सशक्त माध्यम बनेगा।
मंत्रि-परिषद के इन निर्णयों से प्रदेश में आधारभूत संरचना, कृषि, आईटी क्षेत्र और सामाजिक सुरक्षा को मजबूती मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
