डबरा
छोटी मछली गिरफ्त में बड़े मगरमच्छों की बारी कब ?
DABRA NAGAR PALIKA GHOTALA: ऑनलाइन रसीदें डिलीट कर टैक्स राशि के गबन का आरोप, पार्षदों की सतर्कता से खुला मामला; बड़े अधिकारियों और नेताओं की भूमिका पर भी उठे सवाल
डबरा। डबरा नगर पालिका में टैक्स चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के एक बड़े मामले में शासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए संविदा कर्मचारी राघवेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। साथ ही नगरीय प्रशासन आयुक्त संकेत भोंडवे ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिखित निर्देश जारी किए हैं।
मामले का खुलासा नगर परिषद की पिछली बैठक में हुआ, जब पार्षद धर्मेंद्र सिंह (हैप्पी) और हीरा सरदार ने संपत्ति कर की रसीदें पोर्टल से गायब होने का मुद्दा उठाया। आरोप है कि राघवेंद्र शर्मा ने नागरिकों से टैक्स की राशि तो वसूली, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल से रसीदें डिलीट कर दीं और रकम को सरकारी खजाने में जमा करने के बजाय खुद हड़प लिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह हेरफेर करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित जांच दल ने राघवेंद्र शर्मा को दोषी पाया, जिसके बाद भोपाल स्तर से बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए।
नगर पालिका की सीएमओ साक्षी वाजपेई ने राजस्व प्रभारी रामवीर सिंह को आरोपी के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने के लिए अधिकृत किया है। वहीं, सूत्रों के अनुसार इस घोटाले के तार अन्य कर्मचारियों और विभागों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे और संभावित गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इस कार्रवाई के बाद शहर में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि फिलहाल एक “छोटी मछली” ही गिरफ्त में आई है, जबकि इस पूरे मामले में शामिल “बड़े मगरमच्छ” अभी भी कानून के शिकंजे से बाहर हैं। लोगों का कहना है कि इस घोटाले में कुछ पूर्व बड़े अधिकारी एवं नेताओं की भूमिका भी संदिग्ध है, ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

