दतिया,
दतिया (HRIDAY STAMBH);विश्व प्रसिद्ध मां पीतांबरा पीठ में श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार और दर्शन व्यवस्था के नाम पर मनमानी का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार रात झांसी निवासी श्रद्धालु बंदू मिश्रा के साथ मंदिर परिसर में हुए विवाद और तत्पश्चात उनकी तबीयत बिगड़ने से हुई मौत के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
इस पूरे घटनाक्रम पर पार्षद एवं भाजपा नेता जॉली शुक्ला ने मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि “मंदिर में बैठे कुछ लोग खुद को सबसे बड़ा प्रशासक समझने लगे हैं और भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
’सेवा का दायित्व है, प्रशासक बनने का अधिकार नहीं’
भाजपा नेता जॉली शुक्ला ने मंदिर प्रबंधन के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि मां पीतांबरा पीठ लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। दूर-दूर से भक्त यहाँ मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।
“मंदिर में जिम्मेदारी संभालने वालों का प्राथमिक कर्तव्य श्रद्धालुओं की सेवा और सम्मान करना है। लेकिन जब मंदिर में ही मां और भक्तों के बीच बाधाएं खड़ी की जाएंगी, तो यह स्वीकार्य नहीं है। मंदिर में बैठे लोगों को यह समझना होगा कि उनका काम सेवा करना है, न कि प्रशासक बनकर मनमाना व्यवहार करना।”
— जॉली शुक्ला, भाजपा नेता व पार्षद
सीसीटीवी (CCTV) फुटेज देने से इनकार पर उठाए गंभीर सवाल
पूरे मामले में मंदिर प्रशासन द्वारा घटना की सीसीटीवी फुटेज साझा न करने पर जॉली शुक्ला ने तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर प्रशासन की ओर से कुछ गलत नहीं हुआ है, तो फुटेज सार्वजनिक करने से डर कैसा?
- निष्पक्ष जांच की मांग: घटना की सच्चाई सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
- पारदर्शिता का अभाव: फुटेज देने में आनाकानी करने से मंदिर प्रबंधन की भूमिका संदेह के घेरे में आ रही है। फुटेज सार्वजनिक होने से ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार रात झांसी निवासी बंदू मिश्रा मां पीतांबरा पीठ में दर्शन के लिए पहुंचे थे।
- VIP लाइन को लेकर विवाद: आरोप है कि दर्शन के दौरान वीआईपी (VIP) लाइन में उन्हें रोका गया, जिससे परिसर में बहस और विवाद की स्थिति निर्मित हुई।
- तबीयत बिगड़ने से मौत: विवाद के तुरंत बाद बंदू मिश्रा की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- भावनाओं को पहुंचा ठेस: इस घटना के बाद से दतिया की धार्मिक प्रतिष्ठा और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर श्रद्धालुओं में भारी रोष है।
निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता ने कहा कि यह विवाद लंबे समय से भीतर ही भीतर पनप रहा था, जो अब इस दुखद मोड़ पर पहुँच गया है। किसी भी एक श्रद्धालु के साथ दुर्व्यवहार केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं होता, बल्कि इससे देश-विदेश से आने वाले हजारों भक्तों की भावनाएं आहत होती हैं।
उन्होंने शासन और प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष व पारदर्शी जांच कराने और दोषी कर्मचारियों/प्रबंधकों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दतिया की पहचान मां पीतांबरा की पावन नगरी के रूप में है और यहाँ आने वाले हर भक्त को सम्मानपूर्वक दर्शन का अधिकार मिलना ही चाहिए।


