इंदौर
गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर मिला शव
इंदौर (NEWS UPDATE): बहुचर्चित इंदौर पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी हत्याकांड में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आया है। वारदात के 9 दिनों बाद भी जब पुलिस मुख्य आरोपी और मृतका के पति अखिलेश सैनी को गिरफ्तार नहीं कर पाई, तो रविवार को उसका खौफनाक अंत सामने आया। आरोपी अखिलेश सैनी की लाश विदिशा जिले के गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर कटी हुई मिली है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि शव की आधिकारिक पुष्टि परिजनों को दिखाने के बाद ही की जाएगी।
सांसद शंकर लालवानी के सामने रो पड़ी थी बेटी, जताया था जान का खतरा
मृतका की बेटी और मायके पक्ष के लोग सांसद शंकर लालवानी के कार्यालय पहुंचे। बेटी ने रोते हुए कहा कि घटना के बाद से पूरा परिवार मानसिक तनाव में है और उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही थी। परिजनों ने आरोप लगाया था कि इतने गंभीर मामले में भी आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
शनिवार को उर्मिला की बेटी और परिजन सांसद शंकर लालवानी से मिले। इस दौरान बेटी भावुक होकर रो पड़ी और बोली, आज भी हम सो नहीं पा रहे। पिता से हमें और परिवार को जान का खतरा है। परिजनों ने सांसद से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से चर्चा कर मामले की एसआइटी से जांच कराने की मांग भी की थी।
11 जुलाई को हुई थी नृशंस हत्या
11 जुलाई को डाक कुंज कॉलोनी निवासी पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की उनके पति अखिलेश सैनी ने कथित रूप से नृशंस हत्या कर दी थी। वारदात के बाद से आरोपी फरार है। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थी। संयोगितागंज थाना पुलिस जिसे आठ दिनों से नहीं ढूंढ पाई, उसकी लाश गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर कटी हुई मिली है।
“शहर के माथे पर कलंक है यह हत्या”
परिजनों की मौजूदगी में ही सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह से फोन पर बात की। बातचीत के दौरान पुलिस कमिश्नर ने इस जघन्य हत्याकांड को ‘शहर के माथे पर कलंक’ बताया था। परिजनों ने सवाल उठाया था कि अन्य चर्चित मामलों की तरह इस केस में तुरंत एसआईटी का गठन क्यों नहीं किया गया।
