ग्वालियर/मुरैना
458 करोड़ की परियोजना का केंद्रीय मंत्री ने किया निरीक्षण, 31 किमी पाइपलाइन से ग्वालियर पहुंचेगा 150 एमएलडी चंबल का पानी, 2055 तक की जल जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हो रही योजना
ग्वालियर/मुरैना। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को चंबल-कोतवाल जल परियोजना के तहत कोतवाल डैम स्थित निर्माणाधीन इंटेकवेल, सांक नदी पर बन रहे पाइपलाइन पुल और बानमोर के पास पाइपलाइन बिछाने के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से प्रगति की जानकारी लेते हुए परियोजना को तय समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया।
करीब 458 करोड़ रुपए की इस परियोजना के तहत चंबल नदी और कोतवाल डैम से करीब 31 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए ग्वालियर तक पानी पहुंचाया जाएगा। परियोजना से करीब 150 एमएलडी पानी ग्वालियर की जलापूर्ति व्यवस्था में जुड़ेगा और इसे मोतीझील स्थित जलशोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना को 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
सिंधिया ने कहा कि परियोजना ग्वालियर-मुरैना की आने वाली पीढ़ियों की जल सुरक्षा से जुड़ी है। उनका कहना था कि चंबल का पानी घरों तक पहुंचने के साथ शहर की बढ़ती आबादी की भविष्य की जरूरतों को भी पूरा करने के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।
परियोजना में क्वारी, सांक और आसन नदियों के मार्ग में आने वाले हिस्सों पर पाइपलाइन को सुरक्षित ले जाने के लिए विशेष पुल बनाए जा रहे हैं। सिंधिया ने सांक नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर और दतिया सहित पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र का विकास उनकी प्राथमिकता है। पेयजल के साथ सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए चंबल-पार्वती-सिंध सहित विभिन्न परियोजनाओं पर भी काम आगे बढ़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान जल संसाधन मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंसाना सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

