ग्वालियर
सिंधिया की पहल से 5500 करोड़ के निवेश का रोडमैप तैयार, 18 हजार से ज्यादा रोजगार,अक्टूबर में भूमिपूजन की तैयारी
ग्वालियर। अब ग्वालियर की पहचान सिर्फ ऐतिहासिक शहर के रूप में नहीं, बल्कि देश के टेलीकॉम उद्योग के नए केंद्र के रूप में भी बनने जा रही है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पहल से देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की तैयारी अंतिम दौर में पहुंच गई है। परियोजना में 5500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई है और 18 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर बनने की बात कही गई है।
एक ही परिसर में बनेगा टेलीकॉम उद्योग का पूरा तंत्र
प्रस्तावित जोन में दूरसंचार उपकरणों के निर्माण के साथ अनुसंधान, डिजाइन और परीक्षण की सुविधाएं होंगी। ऑप्टिकल फाइबर, नेटवर्क उपकरण, सेमीकंडक्टर और 5जी-6जी तकनीक से जुड़े उत्पादों का निर्माण भी यहां प्रस्तावित है। तैयार बुनियादी ढांचे के कारण कंपनियों को सीधे उत्पादन शुरू करने की सुविधा मिलेगी।
भारत अब सेवाओं से आगे, उत्पाद निर्माण की ओर
सिंधिया का जोर भारत को केवल दूरसंचार सेवाओं का बड़ा बाजार बनाए रखने के बजाय उत्पाद निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने पर है। ग्वालियर का यह जोन इसी रणनीति का हिस्सा है। बड़े निवेश के साथ तकनीकी रोजगार, स्थानीय कारोबार और सहायक उद्योगों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
493 करोड़ की केंद्रीय सहायता, अक्टूबर में भूमिपूजन
परियोजना के पहले चरण के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया है, जबकि मध्यप्रदेश सरकार ने भूमि उपलब्ध कराई है। निवेशकों के साथ बैठकों के बाद परियोजना में निवेश प्रतिबद्धता 5500 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुकी है।
अब नजर भूमिपूजन पर है। अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह में भूमिपूजन की तैयारी है। इसके बाद ग्वालियर में देश के इस महत्वाकांक्षी टेलीकॉम विनिर्माण केंद्र को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज होगी।


