भितरवार
ग्वालियर में अवैध उत्खनन,प्रशासन पर मिलीभगत के आरोप
भितरवार (HRIDAY STAMBH): ग्वालियर जिले में खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। ग्वालियर जिले में अवैध उत्खनन ने बदल दी पहाड़ियों की सूरत, भितरवार के देवगढ़ मेंमाफिया ने उत्खनन कर पहाड़ियों को गहरी खाइयो में बदला । भितरवार में पुलिस और प्रशासन की मिली भगत से जारी है अवैध उत्खनन का खेल ।
भितरवार के देवगढ़ में पहाड़ियों का अस्तित्व खतरे में
ग्वालियर का भितरवार और बिलौआ क्षेत्र लंबे समय से अवैध उत्खनन को लेकर सुर्खियों में रहा है। देवगढ़ की ऐतिहासिक और प्राकृतिक रूप से महत्वपूर्ण पहाड़ियों पर पिछले कई महीनों से पोकलेन और जेसीबी मशीनें दिन-रात चल रही हैं।
पत्थर और मुरम के लालच में माफियाओं ने बिना किसी वैध लीज या अनुमति के पूरी पहाड़ी को ही नेस्तनाबूद कर दिया है।
पहाड़ियों की जगह अब सैकड़ों फीट गहरे गड्ढे दिखाई दे रहे हैं, जिससे न केवल पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है बल्कि वन्यजीवों के लिए भी संकट खड़ा हो गया है। हाल ही में ग्वालियर की पहाड़ियों को लेकर माननीय हाईकोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया था, लेकिन धरातल पर माफिया बेखौफ नजर आ रहे हैं।
पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा खेल!
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध उत्खनन की जानकारी लगातार प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस को दी जाती है। इसके बावजूद कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की जाती है।
कभी-कभार एक-दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर मामले को शांत करा दिया जाता है, जबकि मुख्य सिंडिकेट और बड़ी मशीनों पर हाथ डालने से अधिकारी कतराते हैं।
ग्रामीणों का बड़ा आरोप: “जब भी देवगढ़ की पहाड़ियों पर अवैध माइनिंग की शिकायत की जाती है, तो कार्रवाई से पहले ही माफियाओं तक सूचना पहुंच जाती है। पुलिस और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों के संरक्षण के बिना इतने बड़े स्तर पर पहाड़ों को गायब करना नामुमकिन है।”
पर्यावरण और सड़कों को पहुंच रहा भारी नुकसान
इस अवैध कारोबार के कारण सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये के राजस्व (Royalty) का चूना तो लग ही रहा है, साथ ही क्षेत्र का इंफ्रास्ट्रक्चर भी बर्बाद हो रहा है। ओवरलोडेड डंपर और भारी ट्रक देवगढ़-भितरवार की उन सड़कों से गुजर रहे हैं जिन्हें बनाने में करोड़ों खर्च हुए थे।
खनन के चलते उड़ने वाली धूल से आसपास के गांवों में सांस की बीमारियां फैल रही हैं और जलस्तर भी लगातार नीचे जा रहा है।
अब देखना यह होगा कि इस मामले के मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन और खनिज विभाग की टीम भितरवार के देवगढ़ में कोई ठोस कार्रवाई करती है या माफियाओं का यह ‘खूनी खेल’ यूं ही जारी रहेगा।
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