नई दिल्ली
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, जंतर-मंतर पर 36 दिन चले प्रदर्शन के बाद बड़ा फैसला
नई दिल्ली (NEWS UPDATE):NEET पेपर लीक मामले और जंतर-मंतर पर 36 दिनों से चल रहे छात्र आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
NEET-UG परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक विवाद को लेकर देश भर में जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच शनिवार को एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 36 दिनों से छात्र संगठन और अभ्यर्थी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अड़े हुए थे।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे में क्या कहा?
सोशल मीडिया और मीडिया में साझा किए गए पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों से अधिक समय से शिक्षा व्यवस्था, छात्रों और शिक्षकों के कल्याण के लिए समर्पित रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान का बयान:
“देश के युवाओं की आकांक्षाएं और न्यायसंगत अपेक्षाएं सबसे ऊपर हैं। जंतर-मंतर और देश भर में जो स्थिति बनी है, उसे देखते हुए और यह सुनिश्चित करने के लिए कि छात्रों का भविष्य किसी कानूनी या राजनीतिक उलझन में न फंसे, मैंने प्रधानमंत्री जी को अपना इस्तीफा भेज दिया है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी सामने आते ही सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया, जांच CBI को सौंपी, परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम की घोषणा की और भविष्य में परीक्षा को CBT (Computer-Based Test) मोड में कराने का फैसला लिया।
जंतर-मंतर पर 36 दिनों से डटे थे अभ्यर्थी
NEET-UG परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के बाद से ही छात्रों का गुस्सा चरम पर था। दिल्ली के जंतर-मंतर पर अभ्यर्थी और युवा संगठन लगातार धरना दे रहे थे। आंदोलनकारियों का साफ कहना था कि जब तक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय नहीं होती और शिक्षा मंत्री पद से नहीं हटते, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
36 दिनों तक चले इस सिलसिलेवार प्रदर्शन और राजनीतिक दबाव के बाद आखिरकार केंद्र सरकार को यह कदम उठाना पड़ा।
विपक्ष की प्रतिक्रिया: ‘यह छात्रों के संघर्ष की जीत’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सियासी हलचल भी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलों ने इसे छात्रों की एकजुटता और लंबे संघर्ष की जीत बताया है। विपक्ष का कहना है कि सरकार को बहुत पहले ही छात्रों की आवाज सुन लेनी चाहिए थी ताकि लाखों अभ्यर्थियों का समय और मानसिक तनाव न बढ़ता।
Dharmendra Pradhan Resign
NEET Paper Leak News
