ग्वालियर
1500 करोड़ के निवेश से खुलेगी रोजगार की राह
चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने पर मंथन, ग्लास फैक्ट्री में 2000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना
ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक विकास और निवेश को गति देने के लिए राज्य सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीपावली से पहले चंबल संभाग स्तरीय औद्योगिक सम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की है। जनविश्वास अभियान के तहत मुरैना में उद्यमियों से संवाद के दौरान उन्होंने चंबल एक्सप्रेस-वे के आसपास नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। सरकार का लक्ष्य क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए सरकार हरसंभव सहयोग देगी। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार, नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, औद्योगिक समूहों की स्थापना और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किया जाएगा। संवाद में करीब 20 उद्यमियों ने भाग लेकर निवेश, उद्योग संचालन, विभागीय समन्वय और सरकार से मिल रहे सहयोग के अनुभव साझा किए।
1500 करोड़ का निवेश, 2000 रोजगार की उम्मीद
औद्योगिक संवाद में एजीआई ग्रीन पैक की ग्लास विनिर्माण इकाई प्रमुख रही। कंपनी को करीब 27 एकड़ जमीन आवंटित की जा चुकी है और इकाई का निर्माण कार्य जारी है। परियोजना में लगभग 1500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इसके माध्यम से करीब 2000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लास उद्योग को प्रोत्साहन देकर प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जा सकता है।
दीपावली तक शुरू हो सकता है चिकित्सा उपकरणों का उत्पादन
सिनोरिया फार्मा के उद्यमी कपिल सत्यवानी ने बताया कि उनकी इकाई में चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा संबंधी उपकरणों का निर्माण किया जाएगा। वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री ने इस इकाई का भूमिपूजन वर्चुअल माध्यम से किया था। करीब छह करोड़ रुपये के निवेश से तैयार इकाई का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और दीपावली तक उत्पादन शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने उद्यमी को बधाई देते हुए उत्पादन शुरू करने के प्रयासों की सराहना की।
कृषि अपशिष्ट से भी बढ़ेंगे उद्योगों के अवसर
मुख्यमंत्री ने बायोरा एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड की पहल की सराहना करते हुए कहा कि कृषि अवशेषों से बायोमास पैलेट्स और बायोचार तैयार करने वाली इकाइयां पराली प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इससे कृषि अपशिष्ट का उपयोगी संसाधन के रूप में इस्तेमाल होगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहन मिल सकता है।
पोरसा और सबलगढ़ में भी उद्योगों की संभावनाएं
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि पोरसा, सबलगढ़ सहित क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की संभावनाएं हैं। नए उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार मिल सकेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने औद्योगिक विकास का लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
संवाद में बटेश्वर इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के संजीव कुचिया, योगराज हेल्थकेयर के पुनीत बंसल, एजीआई ग्रीन पैक के पी. गिरिधर, फ्यूमा लैब्स के शुभम सिंह, अन्नपूर्णा दाल मिल के संजय शर्मा, बायोरा एनर्जी के आशीष गुप्ता, सिंघसा मेडीकेयर के विश्वजीत सिंह और सिनोरिया फार्मा के कपिल सत्यवानी सहित अन्य उद्यमी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना, मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मुख्यमंत्री कार्यालय के सचिव डॉ. सुदाम खाड़े सहित अधिकारी उपस्थित थे।

