बिलौआ में हाईकोर्ट की नाकाबंदी के बीच काली गिट्टी खदान से खनिज चोरी,

डबरा/भितरवार

डबरा,

डबरा(HRIDAY STAMBH);

बिलौआ थाना क्षेत्र के ग्राम रफादपुर में हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत जारी सख्त पुलिस पहरे और सघन नाकाबंदी के बावजूद खनिज चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। रफादपुर स्थित खसरा नंबर 151/02 में मौजूद काली गिट्टी खदान से भारी मात्रा में खनिज चोरी होने के मामले में पुलिस ने खनिज विभाग की आधिकारिक शिकायत पर 6 नामजद आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है।

​बीएनएस और आईपीसी की धाराओं में मामला दर्ज

​ग्वालियर के खनिज निरीक्षक रमाकांत तिवारी (पुत्र कैलाश प्रसाद तिवारी) द्वारा दर्ज कराई गई आधिकारिक शिकायत के आधार पर बिलौआ थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 103/2026 दर्ज किया है। पुलिस ने यह एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) एवं भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 379 के तहत दर्ज की है।

​घटना के 21 दिन बाद एफआईआर, पुलिस-प्रशासन पर उठे सवाल

​पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, खदान से अवैध रूप से खनिज चोरी की यह घटना 8 सितंबर 2026 की मध्यरात्रि (रात करीब 12:10 बजे) की है। हालांकि, घटना के लगभग 3 सप्ताह (21 दिन) बाद 29 सितंबर की रात 10:35 बजे प्राथमिकी दर्ज की गई। क्षेत्र में हाईकोर्ट के कड़े आदेशों के चलते पिछले एक महीने से भारी पुलिस बल और चेकिंग पॉइंट तैनात थे। इसके बावजूद नाकाबंदी के बीच चोरी होना और एफआईआर दर्ज करने में 21 दिन की देरी होना, स्थानीय पुलिस और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

​मामले में 6 लोग नामजद आरोपी

​खनिज विभाग की जांच के बाद पुलिस ने निम्नलिखित छह व्यक्तियों को मामले में नामजद आरोपी बनाया है:

  1. ​अरविन्द्र शर्मा (निवासी- बिलौआ)
  2. ​रोशन शर्मा (निवासी- मुरार, ग्वालियर)
  3. ​रामू कटारे (निवासी- मुरार, ग्वालियर)
  4. ​नगेन्द्र जैन उर्फ पिंकी जैन (निवासी- बिलौआ)
  5. ​आशीष शर्मा (निवासी- मुरार, ग्वालियर)
  6. ​कुलदीप शर्मा (निवासी- पोरसा, मुरैना)

​नेटवर्क और वाहनों की तलाश में जुटी पुलिस

​मामले की विस्तृत विवेचना बिलौआ थाने के उपनिरीक्षक सुदीप पमार द्वारा की जा रही है। जांच अधिकारी के अनुसार, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खदान से कुल कितना खनिज निकाला गया, उत्खनन व परिवहन के लिए किन भारी पोकलेन/जेसीबी मशीनों व डंपरों का उपयोग हुआ और क्या इसमें कोई स्थानीय प्रशासनिक या पुलिस साठगांठ शामिल है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही साक्ष्य जुटाकर आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रयुक्त वाहनों की जब्ती की जाएगी।

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