मुंबई
मुंबई(HRIDAY STAMBH);बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन की मुंबई के जुहू स्थित एक प्रॉपर्टी पर बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। बीएमसी द्वारा अवैध निर्माण के आरोप में कार्रवाई किए जाने के बाद अब अभिनेता की लीगल टीम ने इस मामले में आधिकारिक सफाई दी है। आइए जानते हैं बीएमसी के नोटिस से लेकर इस संपत्ति के 10.61 करोड़ रुपये के लीज समझौते और पूरे विवाद की पूरी कहानी।
अजय देवगन की टीम का आधिकारिक बयान
17 अक्टूबर को जारी किए गए बयान में अजय देवगन की टीम ने स्पष्ट किया है कि बीएमसी ने जिस संपत्ति पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की है, वह अभिनेता का निजी आवास (रेसिडेंस) नहीं है, बल्कि एक कमर्शियल प्रॉपर्टी है। टीम का दावा है कि संपत्ति से जुड़े सभी निर्माण कार्य बीएमसी के नियमों और गाइडलाइंस के दायरे में ही किए जा रहे हैं। बयान में यह भी कहा गया है कि नगर निगम की तरफ से जिन बदलावों और सुधारों की मांग की गई थी, उन्हें पूरा कर लिया गया है।
क्या है पूरा मामला और बीएमसी की कार्रवाई?
यह पूरा विवाद 12 अक्टूबर को बीएमसी द्वारा की गई डिमोलिशन (तोड़फोड़) की कार्रवाई के बाद सामने आया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रॉपर्टी में बिना मंजूरी के आंतरिक बदलाव और निर्माण कार्य किए जा रहे थे।
इस सिलसिले में बीएमसी के बिल्डिंग प्रपोजल विभाग ने 10 सितंबर को मुंबई महानगरपालिका अधिनियम, 1888 की धारा 354ए के तहत नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में सिपोरेक्स ब्लॉक और पार्टीशन वॉल से जुड़े कथित अनधिकृत निर्माण कार्य को तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, काम रोकने के आदेश के बावजूद निर्माण जारी रहने के आरोपों के बाद बीएमसी ने 12 अक्टूबर को सख्त कदम उठाते हुए बंगले के कुछ हिस्सों को गिरा दिया।
10.61 करोड़ रुपये के लीज समझौते पर दी गई थी प्रॉपर्टी
इस संपत्ति के सौदे और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर कई बड़े खुलासे हुए हैं:
- लोकेशन: यह प्रॉपर्टी जुहू के जेवीपीडी स्कीम स्थित कपोल को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी में स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 7,802 वर्ग फुट है (प्लॉट एस-10, एनएस रोड नंबर 11)।
- लीज डील: इस प्रॉपर्टी को 10 अगस्त 2026 को पंजीकृत 5 साल के समझौते के तहत ‘फ्लोरियन हुरेल सैलून प्राइवेट लिमिटेड’ को लीज पर दिया गया था।
- रकम: इस डील की कुल राशि 10.61 करोड़ रुपये है, जबकि इसका शुरुआती मासिक किराया 16 लाख रुपये तय किया गया था।
हाउसिंग सोसाइटी और नियमों का पेंच
इस विवाद में हाउसिंग सोसाइटी की भूमिका भी अहम रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, देवगन परिवार ने इस लीज के लिए हाउसिंग सोसाइटी से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) लिया था। हालांकि, सोसाइटी का कहना है कि उनकी मंजूरी केवल संपत्ति को किराए पर देने तक सीमित थी, इससे आवासीय संपत्ति को बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल में बदलने या बड़े संरचनात्मक बदलाव करने का अधिकार नहीं मिलता है।
अजय देवगन का वर्कफ्रंट
कानूनी और प्रॉपर्टी से जुड़ी औपचारिकताओं के बीच, अगर अजय देवगन के फिल्मी करियर की बात करें, तो उनकी पिछली बड़ी रिलीज फिल्म ‘दृश्यम 2’ (दृश्यम: द कन्क्लूजन) थी। अभिषेक पाठक के निर्देशन में बनी इस सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म को दर्शकों ने बेहद पसंद किया था, जिसमें उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, प्रकाश राज और जयदीप अहलावत जैसे कलाकार नजर आए थे।

