डबरा में अवैध रेत को लेकर फिर गरमाया माहौल: रॉयल्टी विवाद के बाद ताबड़तोड़ हवाई फायरिंग,

डबरा/भितरवार

 

डबरा (ग्वालियर),

डबरा (HRIDAY STAMBH);

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा कस्बे में अवैध रेत के कारोबार और वर्चस्व की लड़ाई एक बार फिर खूनी रूप लेती नजर आई है। शहर के व्यस्ततम जेल रोड इलाके में रेत कंपनी के कर्मचारियों और एक ट्रैक्टर मालिक के बीच रॉयल्टी की चैकिंग को लेकर उपजा विवाद इतना बढ़ा कि नौबत मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गई। सरेराह हुई इस गोलीबारी से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और अफरा-तफरी के माहौल में लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए।

पूरा मामला: आखिर क्या हुआ था?

घटनाक्रम के मुताबिक, डबरा के जेल रोड पर अधिकृत रेत कंपनी के कुछ कर्मचारी वाहनों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक रेत से भरे ट्रैक्टर को रोककर कर्मचारियों ने रॉयल्टी का पर्चा मांगा। इसी बात को लेकर ट्रैक्टर मालिक और कंपनी के कारिंदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज के साथ हाथापाई शुरू हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान स्थिति जब कंपनी कर्मचारियों के हाथ से बाहर निकलने लगी, तो उन्होंने माहौल में डर पैदा करने और अपनी धौंस जमाने के लिए अवैध रूप से हवाई फायरिंग शुरू कर दी। दिनदहाड़े चली गोलियों की आवाज से पूरा जेल रोड गूंज उठा। फायरिंग की गूंज सुनते ही सड़क पर चल रहे आम राहगीरों और आसपास के दुकानदारों में हड़कंप मच गया। डर के मारे दुकानदारों ने तुरंत अपनी दुकानें बंद कर शटर गिरा दिए। गोलीबारी की इस दुस्साहसिक घटना से इलाके में कुछ देर के लिए सनसनी फैल गई।

वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस थाना सक्रिय हुआ और तुरंत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा, हालांकि तब तक आरोपी हमलावर घटनास्थल से फरार होने में कामयाब हो चुके थे। पुलिस ने मौके का मुआयना करने के साथ ही आसपास के प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं, ताकि आरोपियों की पहचान पुख्ता की जा सके।

पुलिस ने इस गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित पक्ष की शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर रेत कंपनी के पांच कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर की शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले और सरेराह कानून हाथ में लेने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

अवैध रेत खनन और वसूली का गढ़ बनता डबरा

गौरतलब है कि डबरा और उसके आसपास के ग्रामीण इलाकों में रेत का अवैध खनन और परिवहन लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है। आए दिन रेत माफियाओं और रॉयल्टी वसूलने वाली कंपनियों के कर्मचारियों के बीच इस तरह के टकराव और विवाद सामने आते रहते हैं, लेकिन प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। सरेआम हुई इस गोलीबारी की घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं

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