भिंड/मिहोना,
भिंड/मिहोना(HRIDAY STAMBH);मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मिहोना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के ,दौरान कथित अनियमितताओं और दिल्ली में विपक्षी नेताओं व कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने ‘काला दिवस’ मनाया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा की मांग की।
तहसीलदार के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
विरोध प्रदर्शन के बाद कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं ने मिहोना तहसीलदार के माध्यम से भारत की राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, जो नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है।
SIR प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और निष्पक्ष जांच की मांग
ज्ञापन में मांग की गई कि:
निष्पक्ष सत्यापन: मतदाता सूची से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नामों का निष्पक्ष सत्यापन कराकर उन्हें पुनः सूची में जोड़ा जाए।
पारदर्शिता: पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जाए ताकि कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
जांच व कार्रवाई: कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हटाए गए नामों के मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि मतदाता सूची लोकतंत्र की नींव है और इसमें किसी भी तरह की गड़बड़ी सीधे तौर पर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करती है।
दिल्ली में लाठीचार्ज के विरोध में जताई नाराजगी
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना और अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है। प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग करना पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है।
कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने राष्ट्रपति से दोनों मामलों में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है, ताकि मतदाता सूची की गड़बड़ियों को ठीक किया जा सके और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के अधिकारों की रक्षा हो सके। मिहोना में आयोजित इस प्रदर्शन के माध्यम से विपक्ष ने शासन और प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा रुख स्पष्ट किया है।
