इंदौर
गलत सेंटर और ट्रैफिक जाम में फंसा था भविष्य, ‘खाकी’ की संवेदनशीलता ने बचा लिया छात्राओं का एक साल
इंदौर (NEWS UPDATE): प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से पुलिस की संवेदनशीलता का एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है। रविवार को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा के दौरान इंदौर पुलिस की मुस्तैदी और मानवीय दृष्टिकोण के कारण दो छात्राओं का भविष्य बर्बाद होने से बच गया।
परीक्षा छूटने के डर से रो रही छात्राओं को पुलिस ने न सिर्फ संभाला, बल्कि अपनी सरकारी गाड़ियों से समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। सोशल मीडिया पर अब इंदौर पुलिस के इस कदम की जमकर सराहना हो रही है।
गलत परीक्षा केंद्र पहुंच गई थी छात्रा, पुलिस ने संभाला मोर्चा
NEET UG की परीक्षा देने के लिए दूसरे शहर से इंदौर आई एक छात्रा के साथ उस वक्त बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई, जब वह गलती से किसी दूसरे सेंटर पर पहुंच गई।
समय कम, टेंशन ज्यादा में जब छात्रा को अपनी गलती का एहसास हुआ, तब तक परीक्षा शुरू होने का समय बेहद नजदीक आ चुका था। वह घबराहट में सेंटर के बाहर रोने लगी और इधर-उधर भागने लगी।
पुलिसकर्मियों की नजर और क्विक एक्शन से परीक्षा केंद्र की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर जब परेशान छात्रा पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत उससे बात की।
मामला समझते ही पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए छात्रा को अपनी गाड़ी में बैठाया और ट्रैफिक के बीच से निकालते हुए समय से पहले उसके सही परीक्षा केंद्र पर छोड़ दिया। सही वक्त पर सेंटर पहुंचकर छात्रा और उसके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए।
बस स्टैंड पर फंसी बेटी के लिए एडिशनल DCP बने मददगार
दूसरा वाकया इंदौर के व्यस्त सरवटे बस स्टैंड का है। यहाँ एक छात्रा अपने पिता के साथ परीक्षा केंद्र जाने के लिए साधन ढूंढ रही थी, लेकिन ट्रैफिक और समय की कमी के कारण वे बुरी तरह फंस चुके थे।
ड्यूटी पर मुस्तैद पुलिस अधिकारियों की नजर जब इस पिता-बेटी पर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत उनसे पूछताछ की। छात्रा ने रोते हुए बताया कि उसका सेंटर कृषि कॉलेज (Agriculture College, Indore) में है, लेकिन कोई साधन नहीं मिल रहा है और वह लेट हो रही है।
समस्या की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल डीसीपी (ADCP) ने तुरंत पिता-बेटी को अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाया और हुटर बजाते हुए वक्त रहते परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाया।
