इंदौर
इंदौर (BREAKING NEWS): चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम को हाई कोर्ट से जमानत तो मिल गई है, लेकिन उसकी रिहाई के साथ कोर्ट ने एक ऐसी सख्त शर्त जोड़ दी है जिसने उसकी घर वापसी की राह मुश्किल कर दी है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, जेल से बाहर आने के बाद भी सोनम इंदौर शहर की सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएगी।
हाई कोर्ट ने दी जमानत, पर ‘निर्वासन’ की शर्त बरकरार
काफी समय से जेल में बंद सोनम ने अपनी रिहाई के लिए याचिका दायर की थी। मामले की गंभीरता और गवाहों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, माननीय न्यायालय ने उसे जमानत का लाभ तो दिया है, लेकिन सुरक्षात्मक नजरिए से ‘इंदौर प्रवेश वर्जित’ कर दिया है।
शर्त का मुख्य कारण: कोर्ट का मानना है कि आरोपी की शहर में मौजूदगी से केस से जुड़े गवाह प्रभावित हो सकते हैं या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
लोकेशन की सूचना: सोनम को इंदौर के बाहर किसी अन्य शहर में रहना होगा और संबंधित थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
क्या था राजा रघुवंशी मर्डर केस?
राजा रघुवंशी हत्याकांड ने पूरे इंदौर को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में पुलिस ने पेशेवर रंजिश और साजिश के एंगल से जांच की थी।
1. वारदात: राजा रघुवंशी की सरेराह हत्या की गई थी।
2. षड्यंत्र का आरोप: सोनम पर इस पूरे हत्याकांड की साजिश रचने और शूटरों को मदद पहुंचाने के गंभीर आरोप हैं।
3. पुलिस जांच: पुलिस ने कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सोनम को मुख्य सूत्रधार बनाया था।
जमानत की अन्य प्रमुख शर्तें
इंदौर से बाहर रहने के अलावा, कोर्ट ने कुछ और कड़े नियम लागू किए हैं:
आरोपी अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा रखेगी और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ पाएगी। केस के किसी भी गवाह या पीड़ित परिवार से संपर्क करने की कोशिश पर जमानत रद्द कर दी जाएगी। ट्रायल के दौरान हर पेशी पर कोर्ट में हाजिर होना अनिवार्य होगा।
वकीलों का पक्ष
सोनम के वकील का तर्क था कि वह लंबे समय से जेल में है और ट्रायल पूरा होने में वक्त लग सकता है, इसलिए उसे मानवीय आधार पर राहत दी जाए। वहीं, सरकारी पक्ष ने जमानत का कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद कोर्ट ने बीच का रास्ता निकालते हुए शहर से बाहर रहने की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया।
फिलहाल, सोनम को जेल की सलाखों से तो राहत मिल जाएगी, लेकिन अपनों के बीच इंदौर आने के लिए उसे अभी लंबा इंतजार करना होगा।
