दतिया,
दतिया(HRIDAY STAMBH);
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल दतिया में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन से धार्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। दतिया प्रवास के दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सिद्ध पीठ मां पीतांबरा मंदिर में माथा टेका और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक वनखंडेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जल-अभिषेक किया और देश व प्रदेश की समृद्धि की कामना की।
मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के दौरान मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा विशेष रूप से उनके साथ मौजूद रहे।
जातिवाद और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक टिप्पणी
दर्शन के उपरांत मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने समाज में फैल रही विकृतियों और जातिगत विभाजन पर कड़ा प्रहार किया। हिंदू समाज में गहराते
जातिवाद पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा:
“आज स्थिति ऐसी बन गई है कि हिंदू, हिंदू से ही सुरक्षित नहीं दिख रहा है। जब तक समाज में जातिवाद की खाई को खत्म नहीं किया जाएगा, तब तक हिंदू समाज संगठित और मजबूत नहीं हो सकता।”
उन्होंने युवाओं को सही दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी को तीन बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए—नशा, नींद और नारी। अगर युवाओं ने समय रहते इन पर नियंत्रण और अनुशासन नहीं बनाया, तो उनका भविष्य और चरित्र दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
पंडोखर सरकार के सवाल को टाला
पत्रकारों द्वारा पंडोखर सरकार के संबंध में पूछे गए सवाल पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बड़ी सहजता और मर्यादा के साथ प्रतिक्रिया दी। उन्होंने किसी भी विवाद से बचते हुए स्पष्ट कहा कि वे संतों और सिद्ध पीठों पर कोई व्यक्तिगत या नकारात्मक टिप्पणी नहीं करते हैं। सभी अपनी-अपनी भक्ति और सेवा के मार्ग पर अग्रसर हैं।
राजनीतिक मायने भी अहम
पंडित धीरेंद्र शास्त्री के इस दतिया दौरे और पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की उनके साथ सतत उपस्थिति के राजनीतिक और धार्मिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। दतिया क्षेत्र में नरोत्तम मिश्रा और बागेश्वर सरकार का एक साथ नजर आना स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के बीच खासा चर्चा का विषय बना हुआ है।
दौरे के दौरान धाम के प्रमुख सेवादारों समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पुलिस प्रशासन के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तैनात रहे।

