ग्वालियर
प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा
ग्वालियर (HRIDAY STAMBH): ग्वालियर। मंदिरों के समितिकरण के विरोध में जिले भर के पुजारियों और धार्मिक संगठनों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। पुजारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंदिरों के पारंपरिक अधिकारों में हस्तक्षेप न करने की मांग उठाई।
पारंपरिक अधिकारों में हस्तक्षेप का आरोप
धरना-प्रदर्शन के दौरान पुजारियों ने कहा कि मंदिरों का संचालन वर्षों से परंपरागत रूप से होता आया है और समितिकरण की प्रक्रिया से धार्मिक व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन बिना संबंधित पक्षों से चर्चा किए मंदिरों के प्रबंधन में बदलाव करने का प्रयास कर रहा है, जिसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मंदिरों के समितिकरण संबंधी सभी प्रस्तावों और प्रक्रियाओं को तत्काल निरस्त किया जाए तथा पुजारियों और धार्मिक प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाए।
आस्था और परंपराओं के सम्मान की अपील
धरने में शामिल वक्ताओं ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं हैं, बल्कि समाज की आस्था और संस्कृति के प्रतीक हैं। ऐसे में उनके संचालन और प्रबंधन से जुड़े किसी भी निर्णय में धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रशासन का आश्वासन और पुजारियों की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुजारी, संत-महात्मा और धार्मिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है। वहीं पुजारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
Pujari Andolan MP
