ग्वालियर
जनसुनवाई में महिला के आरोपों से मचा हड़कंप
ग्वालियर (HRIDAY STAMBH): SP ऑफिस की जनसुनवाई में पहुंची एक महिला ने खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले लोगों पर परेशान करने और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
एसपी ऑफिस (SP Office) में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला ने खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले कुछ लोगों पर प्रताड़ना और धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए। पीड़ित महिला की शिकायत सुनते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।
जनसुनवाई में रो पड़ी महिला, सुनाई आपबीती
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रही थी। जब स्थानीय स्तर पर उसकी सुनवाई नहीं हुई, तो वह सीधे जिला पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंची।
अधिकारियों के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए महिला ने आरोप लगाया कि कुछ अज्ञात लोग खुद को पुलिस विभाग का अधिकारी या कर्मचारी बताते हैं। वे वर्दी और रौब का धौंस दिखाकर उसे लगातार परेशान कर रहे हैं। महिला का आरोप है कि ये फर्जी पुलिसवाले उसे केस में फंसाने और जेल भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
महिला ने अपनी लिखित शिकायत में कुछ मुख्य बातें उठाई हैं, जिनकी जांच अब पुलिस कर रही है जिसमें आरोपी खुद को असली पुलिसकर्मी बताते हैं और महिला पर दबाव बनाते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, महिला को किसी पुराने मामले या झूठे केस का डर दिखाकर डराया जा रहा था एवं महिला के पास अलग-अलग नंबरों से धमकी भरे फोन आ रहे थे, जिससे उसका पूरा परिवार खौफ में है।
शुरुआती जांच में पुलिस को अंदेशा है कि यह “डिजिटल अरेस्ट” या “फेक पुलिस फ्रॉड” (Fake Police Scam) गैंग का काम भी हो सकता है, जो आम लोगों को पुलिस का डर दिखाकर शिकार बनाते हैं। हालांकि, विभागीय स्तर पर भी जांच की जा रही है कि कहीं इसमें कोई असली पुलिसकर्मी तो शामिल नहीं है।
SP ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई में महिला की शिकायत को बेहद संवेदनशील मानते हुए एसपी ने तुरंत संबंधित थाना प्रभारी (TI) और साइबर सेल को जांच सौंप दी है।
अधिकारियों का कहना है कि:
सबसे पहले उन फोन नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाली जा रही है, जिनसे महिला को धमकियां मिल रही थीं। अगर कोई बाहरी व्यक्ति पुलिस बनकर डरा रहा है, तो उस पर जालसाजी और जबरन वसूली का मुकदमा दर्ज कर तुरंत जेल भेजा जाएगा।
यदि इसमें किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसे तुरंत सस्पेंड कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
Fake Police Threat Case
