ग्वालियर
जेल अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप
ग्वालियर (HRIDAY STAMBH): सेंट्रल जेल से जुड़े व्हाट्सएप कॉल ब्लैकमेलिंग मामले में नया मोड़ आ गया है। जेल अधीक्षक द्वारा लगाए गए आरोपों को झूठा बताते हुए शिकायतकर्ता एसपी कार्यालय पहुंचा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
फरियादी का आरोप है कि जेल में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उसे दबाव में लेने और झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
कुछ दिनों पहले ग्वालियर सेंट्रल जेल प्रशासन की ओर से एक व्हाट्सएप कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग किए जाने का मामला सामने आया था। इसमें जेल अधीक्षक की शिकायत पर कार्रवाई की बात कही जा रही थी। लेकिन अब पासा पलटता नजर आ रहा है।
शिकायतकर्ता ने एसपी कार्यालय पहुंचकर एक आवेदन सौंपा है, जिसमें उसने जेल अधीक्षक द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से झूठा और मनगढ़ंत बताया है।
फरियादी का गंभीर आरोप: ‘दबाव बनाने की हो रही कोशिश’
एसपी ऑफिस पहुंचे फरियादी का आरोप है कि उसने ग्वालियर सेंट्रल जेल के अंदर चल रही अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। इसी शिकायत से बौखलाकर जेल प्रशासन अब उस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
फरियादी का बयान: “जेल की कमियों को उजागर करने के कारण मुझे जानबूझकर झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। व्हाट्सएप कॉल ब्लैकमेलिंग की कहानी मुझे चुप कराने की एक साजिश है।”
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