शिवपुरी,
शिवपुरी(HRIDAY STAMBH);मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से एक बेहद सनसनीखेज और गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ पत्रकारिता और शिक्षा क्षेत्र की आड़ में एक महिला के शोषण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता अनुराधा यादव ने शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने ‘फास्ट समाचार’ के पत्रकार एवं एसडीएम पब्लिक स्कूल के संचालक अजय राज सक्सेना के खिलाफ लिखित शिकायती आवेदन देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
नौकरी का झांसा और वृंदावन में शादी का भरोसा
शिकायत के अनुसार, करीब चार वर्ष पूर्व अनुराधा यादव नौकरी की तलाश के दौरान आरोपी अजय राज सक्सेना के संपर्क में आई थी। आरोपी ने महिला को अपनी पहली शादी में विवाद होने और पत्नी से जल्द तलाक लेने की बात कहकर अपने जाल में फंसाया। इसके बाद आरोपी ने वृंदावन में शादी करने का भरोसा दिया। आरोप है कि शादी का झांसा देकर पिछले चार वर्षों के दौरान आरोपी ने भोपाल, इंदौर और गुना समेत कई शहरों के होटलों में ले जाकर महिला का लगातार शारीरिक शोषण किया।
15 लाख रुपये का गबन और वैवाहिक जीवन में दरार
पीड़िता ने अपनी शिकायत में केवल शारीरिक प्रताड़ना ही नहीं, बल्कि भारी वित्तीय धोखाधड़ी के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का कहना है कि आरोपी ने उसके पहले से चल रहे वैवाहिक जीवन को भी पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इसके साथ ही, आरोपी ने विभिन्न बहानों से पीड़िता से लगभग 15 लाख रुपये हड़प लिए। जब महिला ने अपने पैसे वापस मांगे और शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी अपने सभी वादों से पूरी तरह मुकर गया।
घर पहुँचने पर मारपीट और मोबाइल तोड़कर सबूत मिटाने की कोशिश
मामले में नया और खतरनाक मोड़ तब आया जब पीड़िता न्याय की मांग को लेकर आरोपी के घर पहुँची। आरोप है कि वहाँ अजय राज सक्सेना की पत्नी ज्योति सक्सेना और माँ अनीता सक्सेना ने महिला के साथ बदसलूकी और मारपीट की। पीड़िता का आरोप है कि उसके मोबाइल में आरोपी के खिलाफ कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य, चैट्स और कॉल रिकॉर्डिंग्स मौजूद थीं। उन सभी सबूतों को नष्ट करने की नीयत से आरोपी के परिजनों ने उसका मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया।
रसूखदारों का दबाव और एसपी कार्यालय में न्याय की गुहार
घटना के बाद स्थानीय रसूखदारों और राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों द्वारा पीड़िता पर लगातार शिकायत वापस लेने और समझौते का भारी दबाव बनाया जा रहा है। तमाम मानसिक प्रताड़नाओं के बावजूद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और आरोपी के खिलाफ तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
पीड़िता ने चेतावनी दी है कि यदि उसे समय पर न्याय नहीं मिला तो वह धरना देने या आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर होगी। फिलहाल, शिवपुरी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़िता की शिकायत के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी है।
