वायु सेवाएं बहाल करने एक मंच पर आएंगे संगठन
ग्वालियर। शहर की हवाई सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए अब शहर के विभिन्न संगठन एकजुट होकर पहल करने जा रहे हैं।
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के राष्ट्रीय संगठन मंत्री भूपेन्द्र जैन ने शहर के औद्योगिक, व्यापारिक, चिकित्सक, शिक्षक, सामाजिक संस्थाओं, राजनीतिक दलों और शासकीय कर्मचारी संगठनों से अपील की है कि वे ग्वालियर की हवाई सेवाओं को पटरी पर लाने के लिए एक साझा मंच तैयार करें।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लगभग 650 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट आज अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। इसका मुख्य कारण वायुयान कंपनियों द्वारा ग्वालियर से उड़ानों में कटौती बताया जा रहा है।
ग्वालियर-नई दिल्ली के बीच IndiGo की फ्लाइट, जो पहले प्रतिदिन संचालित होती थी, अब एक दिन छोड़कर चल रही है। इससे यात्रियों का भरोसा कम हो रहा है।
भूपेन्द्र जैन ने कहा कि जब केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया थे, उस समय ग्वालियर से जम्मू, अयोध्या, जयपुर, अहमदाबाद, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों के लिए सीधी उड़ानें उपलब्ध थीं। वर्तमान में यह कनेक्टिविटी काफी हद तक समाप्त हो चुकी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो शहर का एयरपोर्ट पूरी तरह निष्क्रिय हो सकता है। इसके लिए सभी संगठनों को मिलकर “वायुसेवा संघर्ष समिति” का गठन करने का निर्णय लिया जाएगा, जो केंद्र और राज्य सरकार के समक्ष ग्वालियर की जरूरतों को मजबूती से रखेगी।
कैट ने भरोसा दिलाया है कि वह शहर के सभी वर्गों को एकजुट कर इस दिशा में ठोस प्रयास करेगा, ताकि ग्वालियर की हवाई सेवाएं फिर से सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
