ग्वालियर
AI se बनाया फर्जी वीडियो
ग्वालियर (हृदय स्तंभ/HRIDAY STAMBH): संदलपुर रेल लाइन के पास टाइगर दिखने का जो वीडियो पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था वो फर्जी निकला है। डबरा के रेलवे के एक प्राइवेट कर्मचारी ने एआई की मदद से ये नकली वीडियो बनाया था, जिसके झांसे में आकर वन विभाग की टीम कड़ी धूप में तीन दिन तक जंगल की खाक छानती रही। पकड़े गए आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद डीएफओ ने उसे सख्त कार्रवाई के लिए क्राइम ब्रांच के हवाले करने के निर्देश दिए हैं।
वीडियो सामने आने के तुरंत बाद वन विभाग की विशेष टीमों ने संदलपुर और आसपास के पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच अधिकारी और कर्मचारी दिन रात दूरबीन लेकर पैरों के निशान (पगमार्क) खोजते हुए झाड़ियों में खाक छानते रहे। करीब तीन दिनों तक इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन न तो कोई पगमार्क मिला और न ही बाघ की कोई हलचल रिकॉर्ड हो सकी। वन विभाग के अधिकारी इस बात से हैरान थे कि, आखिर जब बाघ यहां सक्रीय था तो आखिरकार अब वो गया कहां ?
बारीकी से जांच की गई तो खुला डबरा कनेक्शन
जब वन विभाग को जमीन पर कोई सबूत नहीं मिला तो उन्होंने तकनीकी तौर पर वीडियो के सोर्स का पता लगाना शुरू किया। बारीकी से की गई तहकीकात में सामने आया कि, ये वीडियो डबरा के रहने वाले एक युवक ने सबसे पहले वायरल किया था। पूछताछ में पता चला कि, उक्त युवक रेलवे के लिए काम करने वाली एक निजी कंपनी का कर्मचारी है। वन विभाग की टीम ने घेराबंदी कर शनिवार को फाइनली उसे दबोच ही लिया।
आरोपी का कबूलनाम, साहब वो असली नहीं
शनिवार को जब वन विभाग के अधिकारियों ने पकड़े गए डबरा के विशाल कुमार से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने सारा सच उगल दिया। युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बताया कि संदलपुर रेल लाइन के पास वास्तव में कोई टाइगर नहीं आया था। उसने एआइ से वह फर्जी फोटो तैयार किया था, जिसे उसने मजे के लिए सोशल मीडिया पर डाल दिया।
क्राइम ब्रांच को केस देने की तैयारी
मामले को लेकर डीएफओ मुकेश पटेल का कहना है कि, युवक की इस हरकत से तीन दिनों तक पूरा अमला परेशान रहा और जनता में भी भारी दहशत का माहौल बना रहा। इसलिए इस युवक को अब क्राइम ब्रांच के हवाले किया जाएगा। अगर भविष्य में कोई इस तरह का गलत फोटो और वीडियो वायरल करेगा तो उसके खिलाफ सख्त करवाई की जाएगी।
