मुरैना
हजारों छात्रों का भविष्य संकट में
मुरैना (HRIDAY STAMBH):जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओल्ड परीक्षा शाखा में लापरवाही का ऐसा मामला सामने आया है जिसने हजारों विद्यार्थियों की चिंता बढ़ा दी है। 20 वर्षों का महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड दीमक और नमी की वजह से पूरी तरह खराब हो गया।
अब कक्षा 5वीं और मिडिल के प्रमाणपत्र, अंकसूची और सत्यापन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। विभाग ने पूर्व अधिकारियों की लापरवाही स्वीकार करते हुए नए रिकॉर्ड भवन का प्रस्ताव तैयार किया है, लेकिन सवाल यह है कि इस नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
जिले से शिक्षा विभाग की एक बेहद हैरान करने वाली और गंभीर लापरवाही सामने आई है। जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय की पुरानी परीक्षा शाखा में रख-रखाव की कमी के चलते पिछले 20 वर्षों का महत्वपूर्ण शैक्षणिक रिकॉर्ड पूरी तरह बर्बाद हो चुका है।
विभाग की इस अनदेखी की वजह से अब हजारों पूर्व छात्र अपनी अंकसूची (Marksheet) और सत्यापन (Verification) के लिए भटकने को मजबूर होंगे।
दीमक और नमी की भेंट चढ़ा 20 साल का रिकॉर्ड
मुरैना जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओल्ड परीक्षा शाखा में सालों से जमा दस्तावेजों पर दीमक और सीलन (नमी) ने ऐसा हमला किया कि अब वे रद्दी के ढेर में तब्दील हो चुके हैं।
विभाग ने मानी लापरवाही, नए रिकॉर्ड भवन का प्रस्ताव तैयार
मामला उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग के वर्तमान अधिकारियों ने पूर्व अधिकारियों और कर्मचारियों की घोर लापरवाही को स्वीकार किया है। कागजों को सुरक्षित रखने के लिए अब आनन-फानन में एक नए रिकॉर्ड भवन का प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है।
लेकिन बड़ा सवाल यह उठता है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में इतने संवेदनशील रिकॉर्ड को मैन्युअल भरोसे छोड़कर दीमक के हवाले क्यों होने दिया गया?
