बेरूत/तेल अवीव
बेरूत/तेल अवीव (NEWS UPDATE): लेबनान और इजरायल के बीच अप्रैल महीने में लागू हुए सीजफायर (युद्धविराम) को बड़ा झटका लगा है। मंगलवार को दोनों देशों के बीच अब तक की सबसे भीषण हिंसा देखने को मिली। दक्षिणी लेबनान के विभिन्न इलाकों में हुए इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हताहत होने वालों में बड़ी संख्या में बेकसूर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।
मृतकों और घायलों में कई बच्चे और महिलाएं भी शामिल
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने आरोप लगाया कि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में नरसंहार जैसी कार्रवाई की है। मंत्रालय के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में बोरज अल-शमाली, कावथारियत अल-राज, हबूश, माराकेह और सलाआ शामिल हैं।
कई इलाकों में तबाही
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार बोरज अल-शमाली में 14 लोगों की मौत हुई, जिनमें दो बच्चे और तीन महिलाएं शामिल हैं। यहां 16 लोग घायल भी हुए, जिनमें पांच बच्चे और छह महिलाएं शामिल हैं।
कावथारियत अल-राज में पांच लोगों की मौत हुई और छह लोग घायल हुए। वहीं हबूश में चार लोगों की जान गई, जिनमें दो बच्चे शामिल थे।
माराकेह में छह लोगों की मौत और छह लोगों के घायल होने की सूचना है, जबकि सलाआ में दो लोगों की मौत हुई और दो अन्य घायल हुए।
इजरायल ने क्या कहा ?
इजरायली सेना (IDF) ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि वह दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखे हुए है।
आईडीएफ का दावा है कि उसके सैनिकों ने ऐसे हिजबुल्लाह आतंकियों को निशाना बनाया जो इजरायली सैनिकों पर हमले की तैयारी कर रहे थे। सेना ने यह भी कहा कि रॉकेट लॉन्च करने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे बुनियादी ढांचे पर भी हमला किया गया।
सीजफायर के बाद सबसे बड़ा हमला
अप्रैल में लागू हुए युद्धविराम के बाद यह अब तक का सबसे बड़ा और घातक हमला माना जा रहा है। इससे क्षेत्र में तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है।
मध्य-पूर्व में पहले से जारी अस्थिरता के बीच इस ताजा हिंसा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले तो सीमा पर संघर्ष और व्यापक हो सकता है।
Lebanon-Israel Conflict
