इंदरगढ़
घरों और मंदिरों में घुसा पानी; नगर परिषद के दावों की खुली पोल
इंदरगढ़ (HRIDAY STAMBH): क्षेत्र में बीते 12 घंटों से हो रही अनवरत मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार बारिश के चलते शहर के निचले इलाकों सहित प्रमुख मार्ग जलमग्न हो गए हैं। कई फीट पानी भरने से सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, वहीं दर्जनों घरों और धार्मिक स्थलों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है।
पानी में डूबे मुख्य मार्ग, थम गए पहिए
बारिश के रौद्र रूप के कारण शहर के मुख्य चौराहों और मुख्य मार्गों पर 2 से 3 फीट तक पानी बह रहा है। मुख्य सड़कों पर जलभराव के चलते यातायात पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निचले क्षेत्रों में स्थित कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी बारिश का पानी घुस जाने से व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
मंदिरों और रिहायशी इलाकों में हाहाकार
लगातार पानी का बहाव तेज होने के कारण जलभराव की समस्या अब रिहायशी इलाकों तक पहुँच चुकी है। नगर के कई वार्डों में पानी घरों के अंदर तक प्रवेश कर चुका है, जिससे लोगों का राशन व गृहस्थी का सामान खराब हो गया है। इसके अतिरिक्त, शहर के प्रमुख मंदिरों के गर्भगृह और प्रांगण में भी पानी भर जाने से सुबह की पूजा-अर्चना और दर्शन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्थानीय निवासी सुबह से ही अपने स्तर पर घरों व परिसरों से पानी बाहर निकालने की जद्दोजहद में जुटे दिखे।
नगर परिषद की अनदेखी आई सामने, नालों की सफाई न होने से बिगड़े हालात
इस भयावह स्थिति के लिए स्थानीय निवासियों ने सीधे तौर पर नगर परिषद प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। नालियों और बड़े नालों की समय पर सफाई न कराए जाने के कारण निकासी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। जल निकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से बारिश का पानी सड़कों पर बहने लगा और देखते ही देखते बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मानसून पूर्व तैयारियों को लेकर नगर परिषद द्वारा किए गए सभी दावे पहली ही भारी बारिश में हवा-हवाई साबित हुए हैं।
प्रशासनिक अमला नदारद, नागरिकों में गहरा आक्रोश
जलभराव और तबाही के बीच नगर परिषद की ओर से राहत या जल निकासी का कोई पुख्ता इंतजाम न किए जाने से नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी स्थिति का जायजा लेने तक नहीं पहुँचे। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेकर पंपों के माध्यम से जल निकासी कराने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुँचाने की माँग की है।
